फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Government will review cabinet meetings decisions

त्रिवेंद्र सरकार करेगी कैबिनेट के फैसलों की समीक्षा, शासनादेश न होने की होगी पड़ताल

Thu, 18 Jul 2019 07:10 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 18 Jul 2019 07:10 PM IST
विज्ञापन
Uttarakhand Government will review cabinet meetings decisions
- फोटो : फाइल फोटो

प्रदेश सरकार कैबिनेट में लिए गए अपने सभी फैसलों की समीक्षा करेगी। साथ ही उन फैसलों की भी पड़ताल करेगी, जिनके संबंध में उसे उपसमितियों का गठन करना पड़ा, लेकिन उनकी सिफारिशों के प्रस्ताव कैबिनेट के सामने प्रस्तुत नहीं हो पाए। जिन फैसलों पर शासनादेश होने में देरी हो रही है, उनके बारे में सरकार जानकारी जुटाएगी। समीक्षा के जरिये सरकार ये जानने का भी प्रयास करेगी कि जो फैसले उसके द्वारा लिए गए हैं, उनका अब तक क्या प्रभाव रहा है। जो फैसले लिए जा रहे हैं, वास्तव में उनका लाभ जनता को मिल भी पा रहा है कि नहीं। फैसलों की समीक्षा के बाद विभागों से इनके प्रभाव के बारे में भी रिपोर्ट मांगी जा सकती है। 

विज्ञापन


बानगी : फैसले हुए पर लटक गए शासनादेश
1. सड़क सुरक्षा की लीड एजेंसी के पुनर्गठन का पौड़ी कैबिनेट में फैसला हुआ था, लेकिन इसका अभी तक शासनादेश नहीं हो पाया। सूत्रों की मानें तो पेच एजेंसी के अध्यक्ष को लेकर फंसा है। सर्वोच्च न्यायालय की समिति ने अपर आयुक्त या संयुक्त आयुक्त स्तर के अफसर को ये जिम्मा सौंपने की सिफारिश की है। लेकिन वित्त विभाग ज्यादा पे स्केल वाले अपर आयुक्त के पद को सृजित करने की मंजूरी देने को तैयार नहीं और संयुक्त आयुक्त का पद विभाग में सृजित नहीं है। इस चक्कर में शासनादेश नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

2. भूमि खरीद की सीलिंग हटाने के संबंध में लिए गए फैसले को लेकर भी है। कैबिनेट ने औद्योगिक निवेशक के मद्देनजर मैदानी जनपदों में भी भूमि खरीद की सीमा को हटाने का फैसला लिया था। लेकिन शासनादेश करने से पहले सरकार को अधिनियम में संशोधन करना होगा, जिसके लिए अध्यादेश लाया जाना आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


त्रिवेंद्र सरकार में कैबिनेट की बैठकें
19 बैठकें हुईं 2017 में
32 बैठकें हुई 2018 में
10 बैठकें हो चुकी हैं 2019 में 

61 कैबिनेट बैठकों में करीब 350 से अधिक फैसले लिए गए
97 फीसदी फैसलों पर विभागों ने जारी किए शासनादेश
02 फीसदी प्रस्तावों पर उपसमितियों की संस्तुतियां मांगी
01 फीसदी फैसले शासनादेश जारी होने की प्रक्रिया में

पहली बार शुरू हुई नई परंपरा
कैबिनेट की बैठकों के मामले में त्रिवेंद्र सरकार का रिकार्ड पिछली सरकारों की तुलना बेहतर रहा है। पहली बार किसी सरकार ने कैबिनेट की बैठकों के लिए बाकायदा दिन निर्धारित किया है। महीने के दूसरे और चौथे बुधवार को बैठकें करने की नई परंपरा शुरू हुई। कुछ अवसरों को छोड़कर आमतौर पर बैठकें अपने तय दिवस पर हो रही हैं।

कैबिनेट के फैसलों की समय-समय पर समीक्षा होती है। अब मुख्य सचिव के स्तर पर नए सिरे से अब तक लिए गए सभी फैसलों की समीक्षा की जाएगी।
- अमित सिंह नेगी, सचिव, गोपन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed