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शिक्षकों के चयन वेतनमान के मामले में उत्तराखंड सरकार को झटका
Wed, 27 Nov 2019 03:48 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 27 Nov 2019 03:48 PM IST
सार
- प्रदेश के अशासकीय स्कूल के शिक्षकों के चयन वेतनमान का है मामला
- सरकार की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज
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विस्तार
शिक्षकों के चयन वेतनमान के मामले में राज्य सरकार को झटका लगा है। सरकार को अशासकीय स्कूल के याचिकाकर्ता शिक्षकों को स्कूल के अनुदान सूची में शामिल होने से पहले से चयन वेतनमान का लाभ देना होगा। मामला पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवस्थल क्षेत्र द्वाराहाट जनपद अल्मोड़ा का है।
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इस मामले में सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में यह कहते हुए पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी कि शिक्षकों की विद्यालय के अनुदान सूची में शामिल होने से पहले की सेवाओं को न जोड़ा जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को राहत देते हुए सरकार की याचिका को खारिज कर दिया।
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अल्मोड़ा जनपद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवस्थल क्षेत्र द्वाराहाट के सहायक अध्यापक हरीश सिंह बोरा, प्रधानाध्यापक शंकर सिंह बिष्ट, भैरव सिंह, विजय पाल सिंह एवं अन्य ने मौलिक नियुक्ति की तिथि से दस वर्ष की सेवा पूरी करने पर चयन वेतनमान का लाभ दिए जाने की मांग की थी, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों एवं विद्यालय के अन्य कर्मचारियों को लाभ देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया गया कि विद्यालय को 18 फरवरी 1995 को ब श्रेणी की मान्यता मिली।
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उस दौरान स्कूल में एक प्रधानाध्यापक, चार सहायक अध्यापक, एक लिपिक और एक परिचारक का पद सृजित था। इसके बाद विद्यालय को 24 मई 2015 को अनुदान सूची में शामिल किया गया। शिक्षकों एवं कर्मचारियों की उसी दिन से सेवाओं को जोड़कर उन्हें चयन वेतनमान का लाभ दिया जाएगा, जिस दिन से स्कूल को अनुदान सूची में शामिल किया गया है, लेकिन हाईकोर्ट ने 27 मार्च 2017 के फैसले में याचिकाकर्ता शिक्षकों को राहत देते हुए उन्हें नियुक्ति की तिथि से चयन वेतनमान का लाभ देने का आदेश दिया था।
सरकार की ओर से चार सितंबर 2019 को इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने बेसिक शिक्षा निदेशक को न्यायालय के आदेश के क्रम में चयन वेतनमान का लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में दूसरे शिक्षकों को भी मिलेगा लाभ
प्रदेश में शिक्षकों की ओर से अदालत में कुछ अन्य याचिकाओं में भी शिक्षकों को राहत मिली है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के 12 मामले हैं। जिसमें प्रत्येक याचिका में दो से लेकर पांच शिक्षक शामिल हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि शिक्षकों को अदालत के आदेश के क्रम में चयन वेतनमान का लाभ दिया जाए।