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हर साल दो हजार उद्यमियों को तैयार करेगी उत्तराखंड सरकार
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 15 Dec 2015 02:04 PM IST
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उत्तराखंड में पूंजी निवेश को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार अब हर साल दो हजार नए उद्यमियों को तैयार करने का मन बना रही है।
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सोमवार को बीजापुर में लघु एवं मध्यम उद्योगों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसके निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित करने के लिए जरूरत हो तो एमएसएमई नीति में भी बदलाव किए जाए।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का अधिक से अधिक प्रयास किया जाना चाहिए। इसके लिए हर साल कम से कम दो हजार उद्यमियों को तैयार करने की कोशिश की जाए। अल्मोड़ा(मरचूला) में स्थापित पीतल नगरी की तर्ज पर भगवानपुर और पर्वतीय क्षेत्रों में वुड क्राफ्ट, वुड कार्विंग को बढ़ावा देने के लिये भी स्थल चयनित करने का निर्देश दिया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल, मसूरी सहित चार धाम यात्रा मार्गो पर क्राफ्ट विलेज विकसित किये जाय। प्रदेश में तुन, देवदार शीशम और अखरोट की लकडी की उपलब्धता है। इनके आकर्षक उत्पाद पर्यटकों को आकर्षित करने में मददगार हो सकते है।
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धारी देवी, मदन नेगी जैसे अन्य पर्यटक स्थलों के साथ ही राज्य के प्रवेश स्थलों पर स्थापित व्यापार कर चैकियों के पास स्थानीय उत्पादों के छोटे-छोटे बाजार स्थापित करने का भी सुघव दिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने पर भी जोर दिया।
इसके लिए विभागों को उद्यमियों से समन्वय बनाने को कहा गया। मुख्यमंत्री का यह भी कहना था कि पर्वतीय जिलों में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित करने के लिए एमएसएमई नीति में जरूरत पड़ने पर बदलाव किया जा सकता है।