छात्रवृत्ति घोटाला: शासन ने उपनिदेशक अनुराग शंखधर के खिलाफ मुकदमा चलाने की दी अनुमति
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उत्तराखंड शासन ने छात्रवृत्ति घोटाले में जमानत पर रिहा जनजाति कल्याण विभाग के उपनिदेशक अनुराग शंखधर पर मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। न्याय विभाग से परामर्श लेने के बाद सचिव समाज कल्याण एल फनै ने शंखधर के खिलाफ अभियोजन चलाने की इजाजत दे दी।
शंखधर अभी निलंबित हैं। एसआईटी ने उनके खिलाफ हरिद्वार में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। 14 दिन की रिमांड पर रहने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। इसके बाद शंखधर कोर्ट से जमानत पर रिहा हो गए।
इस बीच जांच अधिकारी आयुष अग्रवाल ने शंखधर के खिलाफ चार्जशीट तैयार की। ये चार्जशीट स्पेशल जज (एंटी करप्शन) की कोर्ट में दायर होनी है। इसके लिए जांच अधिकारी ने शासन से शंखधर के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की अनुमति मांगी।
जनजाति कल्याण विभाग ने न्याय विभाग से प्रकरण के कोर्ट डायरी के संबंध में जानकारी मांगी। जानकारी प्राप्त होने के बाद न्याय विभाग ने अभियोजन की अनुमति देने का परामर्श दिया।
न्याय विभाग के परामर्श के बाद सचिव समाज कल्याण एल फनै ने अभियोजन की कार्रवाई करने को स्वीकृति दे दी। अनुमति मिलने के बाद अब जांच अधिकारी न्यायालय में शंखधर के खिलाफ मुकदमा चलाएंगे।
गिरफ्त में नहीं आए तो कुर्क हो जाएगी नौटियाल की संपत्ति
छात्रवृत्ति घोटाले में गिरफ्तारी पर रोक को लेकर दायर याचिका उच्च न्यायालय में खारिज होने के बाद अब समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीता राम नौटियाल को भी जांच अधिकारी कभी भी गिरफ्तार कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, यदि नौटियाल जांच अधिकारी के सामने स्वयं प्रस्तुत नहीं हुए तो उनके खिलाफ सार्वजनिक नोटिस जारी होगा। उनके निवास स्थान पर नोटिस चस्पा होंगे और एक निश्चित समयावधि के बाद भी वे गायब रहते हैं तो फिर उनकी संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई आरंभ हो जाएगी।