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उत्तराखंड: आयुष छात्रों का आंदोलन लाया रंग, बढ़ी हुई फीस को लेकर बैकफुट पर आई सरकार

Thu, 21 Nov 2019 09:35 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 21 Nov 2019 09:35 PM IST
सार

  • सीएम ने कहा- हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करें आयुर्वेद कॉलेज 
  • शासन से शुक्रवार को जारी होगा सभी कॉलेजों को निर्देश
  • फीस निर्धारण के लिए बनेगी स्थायी समिति 

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Uttarakhand Government On BackFoot after Ayush Students protest against fee increases
आयुष छात्रों का विरोध मार्च - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

आयुष छात्रों से ज्यादा फीस वसूलने के मामले में सरकार ने आयुर्वेद विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को शासन से इस संबंध में आदेश जारी किए जाएंगे। सरकार ने फीस निर्धारण के लिए स्थायी समिति गठित करने का निर्णय लिया है।

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इसके लिए हाईकोर्ट से फीस निर्धारण समिति में न्यायाधीश नामित करने का अनुरोध किया जाएगा। उधर, आंदोलन कर रहे आयुष छात्रों का कहना है जब तक हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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फीस बढ़ोत्तरी को लेकर आयुर्वेद छात्रों के आंदोलन को समाप्त करने के लिए बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में आयुष विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। निर्णय लिया गया कि आयुर्वेद विश्वविद्यालय व कॉलेजों को हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करने के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे।
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सीएम ने कहा कि सभी सरकारी व निजी आयुर्वेद कॉलेजों को हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को आदेशों का पालन कराने के निर्देश दिए। कहा कि छात्रों के लंबे समय तक आंदोलनरत रहने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

उच्च न्यायालय से समय-समय पर जारी निर्देशों का गहनता से पालन किया जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आयुर्वेद छात्रों की फीस निर्धारण के लिए स्थायी समिति के शीघ्र गठन करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समिति के अध्यक्ष पद पर न्यायाधीश को नामित करने के लिए हाईकोर्ट से आग्रह किया जाएगा।

फीस निर्धारण पर समिति के निर्णय के अनुसार अगली कार्यवाई की जाएगी। बैठक में आयुष मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव आयुष दिलीप जावलकर, सचिव न्याय प्रेम सिंह खिमाल, प्रभारी सचिव उच्च शिक्षा विनोद रतूड़ी, अपर सचिव आनंद स्वरूप, संयुक्त सचिव एमएम सेमवाल, रजिस्ट्रार उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय डॉ.माधवी गोस्वामी आदि मौजूद थे।

सरकार को फीस का निर्धारण करने का अधिकार नहीं था। इसका अधिकार सिर्फ फीस निर्धारण कमेटी को ही है। इसलिए इस मामले को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट का 2006 के अनुसार फीस कमेटी निर्धारित करने का निर्णय था। इस आदेश के अनुसार पहले विश्वविद्यालय व कॉलेज को न्यायालय के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए थे। दूसरी बार भी निर्देश जारी किए थे। फिर से सभी कॉलेजों को आदेशों का पालन करने के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे।
-डॉ. हरक सिंह रावत, आयुष मंत्री

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