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उत्तराखंड : चुनावी मोड में सरकार, एक्शन में मुख्यमंत्री, 70 विस क्षेत्रों में जाकर जनसुनवाई करने का फैसला
Wed, 18 Nov 2020 11:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 18 Nov 2020 11:20 AM IST
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त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अब मैदान में उतरने जा रहे हैं। दिसंबर से उनका विधानसभा क्षेत्रों का दौरा शुरू हो जाएगा। वह हर जिले में प्रवास करेंगे। उनके दौरे पर निकलने से पहले सभी सचिवों को उनके प्रभार वाले जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बदरीनाथ धाम से लौटकर मुख्यमंत्री ने शासन स्तर पर एक अहम बैठक की, जिसमें उन्होंने अपने दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा क्षेत्रों के दौरों से पहले सचिवों को उनके प्रभार वाले जिलों में जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के इस एक्शन को 2022 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जनसुनवाई करने का फैसला किया है। इस दौरान उनके साथ शासन और संबंधित जिलों के अधिकारी भी होंगे। जनसुनवाई के दौरान हर समस्या का स्पॉट पर ही समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
मंगलवार शाम सचिवालय में हुई बैठक में सीएम ने सचिवों को उनके प्रभार वाले जिलों के दौरे 30 नवंबर तक निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभारी सचिव भ्रमण के दौरान जिलों में संचालित ग्रोथ सेंटरों का भी निरीक्षण करेंगे।
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उन्होंने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सीएम डेस बोर्ड पर उपलब्ध विवरण को पब्लिक डोमेन में अपलोड करने के भी निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने समिति गठित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन सहित सभी सचिव एवं प्रभारी सचिव उपस्थित रहे।
नियमित समीक्षा करेंगे विभागाध्यक्ष
मुख्यमंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों को ताकीद किया कि वे विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित रूप से समीक्षा करेंगे। मंडलायुक्तों को विधानसभा में जाकर क्षेत्रवार समीक्षा करनी होगी।
राजस्व अदालतों में लंबित वादों से सीएम नाराज
मुख्यमंत्री ने राजस्व अदालतों में हजारों की संख्या में वाद लंबित होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की। इनमें दाखिल खारिज के अलावा अविवादित विस्तार से जुड़े मामले हैं, जिनका निस्तारण 60 दिन की निर्धारित अवधि में हो जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में ऐसे मामलों का 25 दिसंबर तक निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से पिछले तीन महीने के दौरान लगी अदालतों में लिए गए मामलों का ब्योरा भी तलब किया है।
ब्लाकों में समस्या समाधान शिविर लगाएंगे डीएम
सीएम ने जिलाधिकारियों को ताकीद किया कि वे नियमित रूप से ब्लाक स्तर पर समस्या समाधान शिविरों का आयोजन करें। साथ ही उन्हें दाखिल खारिज से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान के लिए नियमित रूप से कोर्ट लगाने को भी कहा।
25 दिसंबर तक सचिवालय के सभी अनुभागों में ई ऑफिस
मुख्यमंत्री ने सुशासन दिवस 25 दिसंबर तक सचिवालय के सभी अनुभागों को ई ऑफिस से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रशिक्षण एवं संसाधनों की उपलब्धता आदि के लिए उन्होंने अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं सचिव आईटी को जिम्मेदारी सौंपी।
लोन के लिए बैंकर्स के साथ बैठक करेंगे वित्त सचिव
सीएम ने सचिव वित्त को निर्देश दिए कि स्वरोजगार से जुड़ी योजना के लिए लोन संबंधी मामलों को लेकर बैंकर्स के साथ बैठक करें और इनमें तेजी लाएं। स्वरोजगार योजनाओं, स्कूलों आदि का भी निरीक्षण अपने भ्रमण के दौरान करें।
मुख्य स्थायी अधिवक्ता के निधन पर शोक
बैठक के दौरान उच्च न्यायालय में मुख्य स्थायी अधिवक्ता (चीफ स्टैंडिंगे काउंसिल) परेश त्रिपाठी के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया।
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बदरीनाथ धाम से लौटकर मुख्यमंत्री ने शासन स्तर पर एक अहम बैठक की, जिसमें उन्होंने अपने दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा क्षेत्रों के दौरों से पहले सचिवों को उनके प्रभार वाले जिलों में जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के इस एक्शन को 2022 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जनसुनवाई करने का फैसला किया है। इस दौरान उनके साथ शासन और संबंधित जिलों के अधिकारी भी होंगे। जनसुनवाई के दौरान हर समस्या का स्पॉट पर ही समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
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मंगलवार शाम सचिवालय में हुई बैठक में सीएम ने सचिवों को उनके प्रभार वाले जिलों के दौरे 30 नवंबर तक निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभारी सचिव भ्रमण के दौरान जिलों में संचालित ग्रोथ सेंटरों का भी निरीक्षण करेंगे।
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उन्होंने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सीएम डेस बोर्ड पर उपलब्ध विवरण को पब्लिक डोमेन में अपलोड करने के भी निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने समिति गठित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन सहित सभी सचिव एवं प्रभारी सचिव उपस्थित रहे।
नियमित समीक्षा करेंगे विभागाध्यक्ष
मुख्यमंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों को ताकीद किया कि वे विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित रूप से समीक्षा करेंगे। मंडलायुक्तों को विधानसभा में जाकर क्षेत्रवार समीक्षा करनी होगी।
राजस्व अदालतों में लंबित वादों से सीएम नाराज
मुख्यमंत्री ने राजस्व अदालतों में हजारों की संख्या में वाद लंबित होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की। इनमें दाखिल खारिज के अलावा अविवादित विस्तार से जुड़े मामले हैं, जिनका निस्तारण 60 दिन की निर्धारित अवधि में हो जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में ऐसे मामलों का 25 दिसंबर तक निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से पिछले तीन महीने के दौरान लगी अदालतों में लिए गए मामलों का ब्योरा भी तलब किया है।
ब्लाकों में समस्या समाधान शिविर लगाएंगे डीएम
सीएम ने जिलाधिकारियों को ताकीद किया कि वे नियमित रूप से ब्लाक स्तर पर समस्या समाधान शिविरों का आयोजन करें। साथ ही उन्हें दाखिल खारिज से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान के लिए नियमित रूप से कोर्ट लगाने को भी कहा।
25 दिसंबर तक सचिवालय के सभी अनुभागों में ई ऑफिस
मुख्यमंत्री ने सुशासन दिवस 25 दिसंबर तक सचिवालय के सभी अनुभागों को ई ऑफिस से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रशिक्षण एवं संसाधनों की उपलब्धता आदि के लिए उन्होंने अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं सचिव आईटी को जिम्मेदारी सौंपी।
लोन के लिए बैंकर्स के साथ बैठक करेंगे वित्त सचिव
सीएम ने सचिव वित्त को निर्देश दिए कि स्वरोजगार से जुड़ी योजना के लिए लोन संबंधी मामलों को लेकर बैंकर्स के साथ बैठक करें और इनमें तेजी लाएं। स्वरोजगार योजनाओं, स्कूलों आदि का भी निरीक्षण अपने भ्रमण के दौरान करें।
मुख्य स्थायी अधिवक्ता के निधन पर शोक
बैठक के दौरान उच्च न्यायालय में मुख्य स्थायी अधिवक्ता (चीफ स्टैंडिंगे काउंसिल) परेश त्रिपाठी के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया।