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ऑलवेदर रोड मामले में उत्तराखंड सरकार को राहत, रक्षा मंत्रालय का मिला सहारा
Thu, 03 Dec 2020 12:50 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 03 Dec 2020 12:50 AM IST
सार
- अभी तक सुप्रीम कोर्ट में सड़क परिवहन मंत्रालय ही कर रहा था पैरवी
- सड़क चौड़ीकरण का मामला अब सीधेतौर पर सामरिक महत्व से जुड़ा
- सीएम ने भी की थी सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चौड़ीकरण की पैरवी
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
चारधाम ऑलवेदर रोड के मामले में केंद्र और प्रदेश सरकार को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट में अब सड़क परिवहन मंत्रालय के साथ ही रक्षा मंत्रालय भी सड़क चौड़ीकरण के पक्ष में आ गया है। अभी तक सड़क परिवहन मंत्रालय ही सुप्रीम कोर्ट में परियोजना की पैरवी कर रहा था।
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रक्षा मंत्रालय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के पाले में फिर से मामला पहुंच गया है। प्रदेश सरकार की ओर से भी केंद्र सरकार से सड़क के सामरिक महत्व को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने का आग्रह किया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सूत्रों के मुताबिक, दो हफ्ते के अंदर रक्षा मंत्रालय की याचिका पर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जानी है। रक्षा मंत्रालय की याचिका में ऑलवेदर रोड की चौड़ाई सात मीटर रखने का आग्रह किया गया है।
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सड़क परिवहन मंत्रालय का 2018 का सर्कुलर पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क की चौड़ाई अधिकतम 5.50 मीटर रखने का है। इसी सर्कुलर के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मोर्थ को अपने आदेश का ही पालन करने को कहा था।
अब इस मामले में रक्षा मंत्रालय के कोर्ट में जाने के बाद नया मोड़ आ गया है। अब गेंद एचपीसी के पाले में है। अब एचपीसी पर निर्भर करेगा कि वह रक्षा मंत्रालय के इस तर्क पर क्या रुख अख्तियार करती है।