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इंदिरा हृदयेश के तेवरों के सामने फिकी पड़ी उत्तराखंड की सरकार!
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 28 Mar 2017 11:05 AM IST
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- फोटो : amarujala
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उत्तराखंड विधानसभा में यह पहला मौका था, जब सत्ता पक्ष के आगे विपक्ष के विधायकों की संख्या बेहद मामूली नजर आ रही थी।
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मगर प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही नेता प्रतिपक्ष इंद्रा हृदयेश ने जो मोर्चा संभाला तो यह भ्रम दूर होता चला गया कि सत्ता पक्ष-विपक्ष पर हावी हो जाएगा। अवैध खनन को रोकने में बीट वॉचर की हत्या के मामले को लेकर इंदिरा हृदयेश ने जो तेवर दिखाए, उसके आगे एक बार तो सत्ता पक्ष भी निरुत्तर नजर आया।
सोमवार को नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृरदयेश ने हाल ही में खनन माफिया के हाथों हुई वन कर्मी की हत्या के मामले को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ अफसरों को इधर-उधर करने के अलावा सरकार ने कुछ नहीं किया। उन सफेदपोश लोगों को भी सामने लाया जाना चाहिए, जिनके संरक्षण में अवैध खनन चल रहा था।
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इंदिरा ने स्पीकर प्रेम चंद्र अग्रवाल को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रदेश में पहला ऐसा मामला है, जब अवैध खनन रोकने पर किसी सरकारी कर्मचारी को कुचलकर मार दिया गया। ऐसे होगा तो कौन कर्मचारी जाकर अवैध खनन रुकवाने की हिम्मत करेगा। सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने जवाब दिया, लेकिन इंदिरा के तर्कों के आगे वे भी थोड़ा बेबस नजर आए। अपने संसदीय कार्यों के लंबे अनुभवों के चलते इंदिरा ने सरकार को जमकर घेरा।
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कुछ विधायकों ने बीच में टोकाटाकी करने की कोशिश भी की, मगर किसी को डपटकर तो किसी को शब्दों के बाण से चुप करा दिया। उनकी वरिष्ठता का भी सदन में मौजूद सदस्यों ने सम्मान किया। इंदिरा के इन तेवरों से प्रीतम सिंह के अलावा करन माहरा, ममता राकेश आदि कांग्रेसी विधायकों को भी बल मिला, तो उन्होंने भी सरकार के सामने खूब मोर्चा खोला। विपक्ष की आज की तैयारी में थोड़ी-बहुत गुटबाजी भी नजर आई, लेकिन इसका असर बहस के दौरान एक स्तर तक ही देखने को मिला।