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उत्तराखंड : साढ़े तीन साल में 7.12 लाख को दिया रोजगार, 85 फीसदी वायदे पूरे किए- सीएम त्रिवेंद्र

Fri, 18 Sep 2020 08:39 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 18 Sep 2020 08:39 PM IST
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uttarakhand government completes three year, cm trivendra singh rawat announcements
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : पीटीआई (file photo)

नौकरियों को लेकर कांग्रेस के हमले के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में अब तक सात लाख 12 हजार से अधिक लोगों को रोजगार दिया गया। उन्होंने जनता से किए 85 फीसदी वायदे पूरे करने की भी बात कही।

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उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है। शुक्रवार को अपनी सरकार के साढ़े तीन साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भावी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
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समूह ग के 7200 पदों पर होगी भर्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत समूह ग के 7200 पदों पर अधियाचन और भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। आयोग ने 2014-17 तक आठ परीक्षाएं की, जिनमें 801 पदों पर चयन हुआ। 2017-2020 में 59 परीक्षाएं हुई, जिनमें छह हजार पदों पर चयन हुआ। 
 

प्राइवेट सेक्टर में 5.80 को मिला रोजगार

उन्होंने कहा कि अप्रैल 2017 से सितंबर 2020 तक विभिन्न विभागों के अंतर्गत कुल 7.12 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दिया। इनमें से नियमित रोजगार लगभग 16 हजार, आउटसोर्स व अनुबंधात्मक रोजगार लगभग 1.15 लाख और स्वयं उद्यमिता व प्राईवेट निवेश से प्रदान व निर्माणाधीन परियोजनाओं से रोजगार लगभग 5.80 लाख हैं। कोविड के दौरान मनरेगा में पिछले साल की तुलना में 84 हजार अतिरिक्त परिवारों (2 लाख अतिरिक्त श्रमिकों) को रोजगार दिया गया। पिछले वर्ष की तुलना में 170 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय किए गए। आगामी तीन माह में कैम्पा के अंतर्गत 40 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना है। 

महिला पौधालयों की होगी स्थापना
प्रदेश सरकार महिला पौधालयों की स्थापना करेगी। इससे करीब 20 हजार महिलाओं को रोजगार मिलेगा। सरकार उनकी पौधों को खुद खरीदेगी। 

साइंस कॉलेज और स्कूलों में इको क्लब पार्क
सरकार एक वैश्विक स्तर का साइंस कॉलेज खोलेगी। इसमें केवल विज्ञान पढ़ाया जाएगा। प्रदेश के पांच हजार स्कूलों में हिमालय इको क्लबों की स्थापना होगी।
  इसके लिए बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा। 

नौ नंवबर वानर रेस्क्यू सेंटरों का करूंगा शिलान्यास
उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों को न्यजीवों से बचाने के लिए प्रदेश में चार वानर रेस्क्यू सेंटर स्थापित होंगे। वह नौ नवंबर को इनका शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा 125 किमी जंगली सूअर रोधी दीवार, 50 किमी सोलर फेंसिंग, 13 किमी हाथी रोधी दीवार, 250 किमी हाथी रोधी खाइयों का निर्माण शामिल है।     

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण पर जारी है काम
सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने गैरसैंण पर निर्णय लिया। उसे ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया। वहां अवस्थापना सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। 70 करोड़ की लागत से रामगंगा पर जलाशय बनाया जा रहा है। ऐसा हेलीपेड बनाया जा रहा है जहां एक साथ चार हेलीकॉप्टर उतर सकें। फॉरेस्ट से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए विशेष सचिव को जिम्मेदारी दी गई है। बेनीखाल को एस्ट्रो विलेज के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

ये हैं घोषणाएं:

- कोरोनाकाल में कुंभ मेले में पास जारी होंगे। आयोजन पारंपरिक रूप से होगा, लेकिन श्रद्धालुओं को संख्या को सीमित रखा जाएगा।
- कोरोना के बढ़ते मामलों के बावजूद राज्य में लॉकडाउन की कोई योजना नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा जहां मामले बढ़ेंगे, वहां कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा।
- आलवेदर रोड परियोजना पर दो टूक कहा कि साढ़े पांच मीटर चौड़ी सड़कों से काम नहीं चलेगा। सेना की जरूरत के हिसाब से सड़क चौड़ी होनी चाहिए। राज्य सरकार ने केंद्र से आग्रह किया है।
- चारधाम देवस्थानम बोर्ड पर कहा, सोच समझकर सरकार ने फैसला लिया है। विरोध के पीछे कुछ राजनीतिक लोग हैं। कुछ का निजी स्वार्थ है। पंडा और पुरोहित समाज का बोर्ड का पूरा समर्थन है।
- राज्य में वैश्विक स्तर का सांइस कॉलेज खुलेगा, कॉलेज में केवल विज्ञान विषय की ही पढ़ाई होगी।
- फसलों को जंगली जानवरों से बचाने को प्रदेश में चार वानर रेस्क्यू सेंटर बनेंगे। नौ नवंबर तक शिलान्यास होगा। 25 हजार बंदरों को रेस्क्यू सेंटर में रखा जाएगा।
- जंगली सुअरों से फसलों को बचाने के लिए 125 किमी सुअर रोधी दीवार बनेगी। 50 किमी सोलर फेंसिंग का निर्माण होगा। 13 किमी हाथी रोधी दीवार बनाई जाएगी। 250 किमी हाथी रोधी खाइयों का खुदान किया जाएगा।
- कैंपा के तहत आठ हजार वन रक्षक वन्य जीवों से फसलों का बचाव करेंगे।

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