{"_id":"59f94d874f1c1b86698b8b5e","slug":"uttarakhand-government-and-election-commition-stuck","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमा विस्तार वाले 40 निकायों में उलझे सरकार और निर्वाचन आयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमा विस्तार वाले 40 निकायों में उलझे सरकार और निर्वाचन आयोग
विपिन बनियाल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 01 Nov 2017 09:58 AM IST
विज्ञापन
CM trivendra singh rawat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के 40 नगर निकायों में सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग वोटर लिस्ट बनाने को लेकर बड़ी उलझन में फंस गए हैं।
विज्ञापन
दरअसल, सीमा विस्तार के बाद इन निकायों में वार्डों का वजूद खत्म हो गया है, लेकिन वहां पर वोटर बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के मुताबिक, आठ नवंबर से वोटर लिस्ट बनाने के लिए कार्मिक घर-घर दस्तक देने जा रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि 40 नगर निकायों में वे किन वार्डों के लिए वोटर लिस्ट बनाएंगे। राज्य के उन 48 नगर निकायों में मतदाता सूची बनाने के काम में जरूर कोई दिक्कत नहीं आएगी, जहां पर सीमा विस्तार नहीं हुआ है। वहां पर परिसीमन की प्रक्रिया आखिरी चरण में है। इन स्थितियों के बीच, राज्य निर्वाचन आयोग अधिसूचना के मुताबिक वोटर लिस्ट बनाने पर कायम है, वहीं सरकार को उम्मीद है कि सारी स्थिति संभाल ली जाएगी।
इसलिए जरूरी है नई मतदाता सूची
इससे पहले, 2014 में नगर निकाय के चुनाव हुए थे। उस वक्त 2001 की जनगणना के अनुसार वार्डों के परिसीमन पर चुनाव कराए गए थे। हालांकि 2011 में नई जनगणना का कार्य हो गया था, लेकिन इसके आंकडे़ सार्वजनिक नहीं हुए थे। नगर निकाय एक्ट के अनुसार, नई जनगणना के आंकडे़ सार्वजनिक हो जाने के बाद वार्डों का परिसीमन कराने की अनिवार्यता है। इसके अलावा, सरकार ने बडे़ पैमाने पर निकायों में सीमा विस्तार भी किया है। इस स्थिति को देखते हुए भी नई वोटर लिस्ट बनना आवश्यक है।
विज्ञापन
परिसीमन में लगेगा वक्त
राज्य सरकार ने 40 नगर निकायों के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद अब इनकी अधिसूचना जारी हो रही है। अभी तक सिर्फ 15 नगर निकायों के सीमा विस्तार की अधिसूचना जारी हुई है। 25 नगर निकायों की अधिसूचना जारी होना अभी बाकी है। सभी 40 नगर निकायों के सीमा विस्तार की अधिसूचना जारी होने के बाद ही इनमें परिसीमन की प्रक्रिया को शुरू किया जा सकेगा। इन 40 निकायों में देहरादून समेत छह नगर निगम भी शामिल हैं, जिनमें लंबा चौड़ा क्षेत्र शामिल हुआ है। परिसीमन की प्रक्रिया के तहत, आपत्तियां, सुझाव आमंत्रित करने से लेकर उसकी सुनवाई करने तक का काम होना है। यही नहीं, इस बार सरकार ने नगर निगमों में वार्डों की अधिकतम संख्या को भी बढ़ाकर 40 से 100 कर दिया है। इस हिसाब से भी परिसीमन में नई कसरत से मशीनरी को गुजरना होगा।
विज्ञापन
यह है राज्य निर्वाचन आयोग का शेड्यूल
मतदाता सूची बनाने वाले कार्मिकों की ट्रेनिंग-2 से 7 नवंबर तक
सभी जगह घर-घर जाकर सर्वेक्षण, गणना-8 से 11 नवंबर तक
मतदाता सूची की पांडुलिपि तैयार करना-12 से 20 दिसंबर तक
मतदाता सूची का मुद्रण कार्य-21 दिसंबर से 21 जनवरी 2018 तक
दावे-आपत्ति दाखिल करने की अवधि-2 से 12 फरवरी 2018 तक
मतदाता सूची का अंतिम तौर पर प्रकाशन- 9 मार्च 2018 को
निर्वाचन नामावलियों के संबंध में अधिसूचना जारी करने का जो हमारा काम है, वो हमने कर दिया है। यह शहरी विकास विभाग को देखना है कि वह कैसे सारी स्थितियों के हिसाब से काम करता है। कोई दिक्कत होती है, तो उसे देखा जाएगा।
- सुवर्धन, राज्य निर्वाचन आयुक्त, उत्तराखंड
यह सही बात है कि अभी सीमा विस्तार वाले निकायों में परिसीमन का कार्य शुरू होना है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जो अधिसूचना जारी की है, उसी समयावधि में परिसीमन का काम पूरा कर लेने का प्रयास होगा। फिर भी जरूरत पड़ी, तो आयोग से अनुरोध किया जाएगा।
- मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री, उत्तराखंड