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नेताओं का जन्मसिद्ध अधिकार है चबाना: राज्यपाल
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 18 Oct 2014 11:34 AM IST
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राजभवन में कैंसर पर आयोजित गोष्ठी में राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने कहा कि कैंसर रोग से अधिक खतरनाक सोच, भाषा, जाति, धर्म और क्षेत्र का कैंसर है। यह देश को खोखला कर रहा है। इसे रोकना बहुत जरूरी है। उन्होंने कैंसर के मुफ्त इलाज के लिए एक्ट बनाने की भी जरूरत जताई।
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शुक्रवार को दयानंद शिक्षा संस्थान के बैनर तले स्व. जागेंद्र स्वरूप की स्मृति में गोष्ठी का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तंबाकू पर टैक्स लगाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री से प्रस्ताव मांगने की बात कही। वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. एमसी पंत से गांवों में कैंसर डिटेक्शन के लिए रोड मैप बनाने के लिए कहा।
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मोदी के सफाई अभियान की तारीफ
इसी के साथ मुख्यमंत्री बोले कि वह अपने नेताओं से भी कहेंगे कि (तंबाकू) चबाना बंद कर दें। राज्यपाल डा. कुरैशी ने अपने संबोधन की शुरुआत सीएम की इसी बात से की। कहा, चबाना तो नेताओं का जन्मसिद्ध अधिकार है। चाहे समाज को चबा लें, देश को चबा लें, वे चबाना बंद नहीं कर सकते।
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इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफाई अभियान की तारीफ की। इसके बाद सीएम से मुखातिब होकर बोले कि पार्लियामेंट में एक्ट बनना चाहिए की कैंसर रोगी का मुफ्त इलाज सरकार कराएगी। इसकी शुरुआत राज्य स्तर से होनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि पैसेवाले तो कहीं भी इलाज करा लेते हैं। गरीब, मलिन बस्तियों में रहने वाले इलाज नहीं करा पाते। संविधान में संशोधन करके राइट टू वर्क मौलिक अधिकार में शामिल हो। जिसे सरकार नौकरी न दे सके, उसे योग्यता के लिहाज से भत्ता मिले।