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‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग में 11 वें स्थान पर पहुंचा उत्तराखंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 08 Jul 2018 08:34 PM IST
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उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : amar ujala
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व्यापार करने में आसानी के लिए शुरू की गई ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की सर्वे में पिछले साल की तुलना में इस बार उत्तराखंड की रैंकिंग में सुधार नहीं हुआ है। सर्वे की वर्तमान स्थिति के मुताबिक उत्तराखंड टॉप टेन रैंकिंग में आने से एक पायदान नीचे रह गया। जबकि रैंकिंग के लिए राज्य के दो ही प्वाइंट शेष बचे हैं। विश्व बैंक की ओर से इस माह के अंत तक देश की सर्वे रिपोर्ट जारी होने की संभावना है।
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उत्तराखंड राज्य में व्यापार करने में आसानी के लिए ईज आफ डूइंग बिजनेस में 45 विभागों को शामिल किया है। विश्व बैंक द्वारा जारी पिछली रैंकिंग में उत्तराखंड ने देश भर में नौवां स्थान हासिल किया था। प्रदेश सरकार की ओर से ईज आफ डूइंग बिजेनस के लिए सुधार के तमाम प्रयासों के बावजूद भी इस बार सर्वे में राज्य 11 वें स्थान पर है। जबकि तेलंगाना राज्य सर्वे में सबसे आगे चल रहा है। उत्तराखंड के सामने इस साल टॉप टेन में स्थान पाने की चुनौती है। सर्वे में प्रदेश को 372 अंक मिलने के बाद भी रैंकिंग में पिछड़ने की एक वजह यह भी मानी जा रही कि केंद्र सरकार की ओर से ईज आफ डूइंग बिजनेस के कुछ प्रावधानों को राज्य में लागू नहीं किया गया।
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निवेशकों को ये सुविधाएं देना जरूरी
ईज आफ डूइंग बिजनेस का मकसद निवेशकों को घर बैठे ही सभी सुविधाएं उपलब्ध करना है। ताकि उन्हें व्यापार करने में आसानी हो सके। जिसमें विभागों की सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्ध करना, ऑनलाइन फीस जमा करना, तय समय सीमा के भीतर सेवाएं देना, उद्योगों से संबंधित मामलों का निस्तारण करने के लिए अलग से वाणिज्यकीय विवाद न्यायालय का गठन, श्रम कानूनों को सरल बनाना, औद्योगिक निवेश के लिए लैंड बैंक को चिन्हित करना, पर्यावरण क्लीयरेंस आदि तमाम सुविधाओं पर विश्व बैंक सर्वे करना है।
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रैंकिंग घटने के ये भी रहे कारण
केंद्र सरकार ने उद्योगों से संबंधित मामलों का निपटारा करने के लिए राज्य व जिला स्तर पर अलग से वाणिज्यकीय विवाद न्यायालय बनाने को कहा था। लेकिन उत्तराखंड में इसका गठन नहीं हो पाया। इसके साथ ही शहरी निकाय स्तर पर मास्टर प्लान बनाने का प्रावधान किया गया। प्रदेश में निकाय स्तर पर इस तरह का अभी तक कोई मास्टर प्लान नहीं है।
रैंकिंग को गंभीरता से लेते हैं निवेश
विश्व बैंक की ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की सर्वे रैंकिंग को निवेशक गंभीरता से लेते हैं। निवेशकों का कहां निवेश करना है, इसका फैसला करने के लिए निवेशकों की मदद करने में यह रैंकिंग अहम भूमिका निभाता है। निवेशकों को रैंकिंग के जरिये निवेश के लिए क्षेत्र का चयन करने में आसानी रहती है।
ईज आफ डूइंग बिजनेस की अंतिम सर्वे रिपोर्ट जारी होने के बाद प्रदेश की वास्तविक रैंकिंग का पता लगेगा। इस बार विश्व बैंक ने दो आधार पर सर्वे किया है। जिसमें एक तो व्यापार को आसान बनाने की दिशा में किए गए काम और दूसरा फीड बैक। जिन लोगों ने सुविधाओं का लाभ लिया है। उनसे भी फीड बैक लिया गया।
-सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक, उद्योग विभाग