Uttarakhand: कुंड-चोपता-गोपेश्वर हाईवे पर जमी चार फीट बर्फ, रास्ते में फंसे 30 पर्यटकों को किया रेस्क्यू
बीते दिनों हुई बर्फबारी से चोपता, दुगलबिट्टा और बनियाकुंड तक तीन से चार फीट तक बर्फ जमा हो रखी है। बर्फ के कारण पर्यटन स्थल चोपता सहित चमोली जिले के लिए वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद हो गया है।
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बर्फबारी से प्रभावित कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे 30 पर्यटकों का एसडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन की टीम ने सकुशल रेस्क्यू किया है। बर्फ के कारण भुनकुन से चोपता तक हाईवे बंद पड़ा है, जिस कारण पैदल आवाजाही भी नहीं हो पा रही है। हाईवे बंद होने से बीते तीन दिनों से तहसील मुख्यालय ऊखीमठ सहित तुंगनाथ घाटी का चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर से भी संपर्क कटा हुआ है।
बीते दिनों हुई बर्फबारी से चोपता, दुगलबिट्टा और बनियाकुंड तक तीन से चार फीट तक बर्फ जमा हो रखी है। बर्फ के कारण पर्यटन स्थल चोपता सहित चमोली जिले के लिए वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद हो गया है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को 30 पर्यटक ऊखीमठ से अपने जोखिम पर चोपता के लिए निकले थे, लेकिन भुनकुन के समीप कई फीट जमा बर्फ में फंस गए। सूचना पर एसडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाला।
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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भुनकुन से चोपता तक हाईवे बर्फ के कारण पूरी तरह से बंद है। बर्फ अधिक होने से पैदल आवाजाही करना भी संभव नहीं है। ऐसे में यहां हल्की सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है।
इसलिए बर्फ हटने के बाद ही पर्यटक चोपता के लिए निकलें। इधर, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने बताया कि मशीनों की मदद से बर्फ की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है।