देहरादून में चार नवंबर को उत्तराखंड के गौरवशाली सैन्य इतिहास पर मंथन करेंगे विशेषज्ञ
- राज्य स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश सरकार और अमर उजाला की ओर से चार नवंबर को आयोजित किया जाएगा सैन्य सम्मेलन
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राज्य स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश सरकार और अमर उजाला की ओर से आयोजित होने वाले सैन्य सम्मेलन ‘मेरे सैनिक-मेरा अभिमान’ में विशेषज्ञ उत्तराखंड के गौरवशाली सैन्य इतिहास पर मंथन करेंगे। चार नवंबर को राजधानी में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कई मौजूदा व पूर्व सैन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और थल सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह (सेनि.), डिप्टी कमांडर इन चीफ स्ट्रेजिक फोर्सेस कमांड जनरल जेएस नेगी, मेजर जनरल जीडी बख्शी (सेनि.) और पूर्व वॉइस चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ लेफ्टिनेंट जनरल एएस लांबा (सेनि.) देश की सुरक्षा में उत्तराखंड के योगदान समेत अन्य सामरिक मसलों पर अपनी राय साझा करेंगे। हेस्को के संस्थापक पद्मश्री अनिल जोशी और गढ़वाल पोस्ट के संपादक व वरिष्ठ फिल्म कलाकार सतीश शर्मा उत्तराखंड की सैन्य शक्ति समेत अन्य विषयों पर परिचर्चा करेंगे।
कार्यक्रम में सैन्य विशेषज्ञ देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा पर मंथन करेंगे। साथ ही शहीदों के परिवारों के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे सहयोग और सेवानिवृत्ति के बाद सैन्य अफसरों व सैनिकों को दी जा रही सुविधाओं जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। उत्तराखंड में सैन्य परिवारों व पूर्व सैनिकों की आवश्यकताओं और उनकी समस्याओं के समाधान पर भी विशेषज्ञ अपनी राय रखेंगे।
अफसर देने में अग्रणी हैं हम
देश की सैन्य शक्ति में उत्तराखंड की अहम भूमिका है। आकार में छोटा और आबादी कम होने के बावजूद उत्तराखंड जनसंख्या घनत्व के लिहाज से हर साल सबसे अधिक सैन्य अधिकारी देता है। यहां औसतन हर परिवार से एक सैनिक देश की सुरक्षा में तैनात हैं।
आजादी से पहले से लेकर आज तक जितने भी युद्ध हुए हैं, उनमें उत्तराखंड के जांबाजों ने हमेशा अपनी वीरता और साहस का नमूना पेश किया है। सेना के प्रति उत्तराखंड में बेहद सम्मान और अपनापन है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और अमर उजाला सैन्य सम्मेलन का आयोजन करने जा रहे हैं।
शाम को गूंजेंगे कुमार विश्वास के देशभक्ति तराने
सैन्य सम्मेलन के समापन अवसर पर मशहूर कवि डॉ. कुमार विश्वास देशभक्ति के भावों से भरे गीत और कविताओं की प्रस्तुति देंगे। वह अपनी रचनाओं से मौजूद दर्शकों को देशभक्ति के रंगों से सराबोर करेंगे। कुमार विश्वास की देशभक्ति रचनाओं को श्रोता खूब पसंद करते हैं।
चार सत्र में अलग-अलग विषयों पर होगा मंथन
सैन्य सम्मेलन में उद्घाटन समेत कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे। सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक पहले सत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा : चुनौतियों के बदलते आयाम विषय पर संवाद होगा। दोपहर 12 से एक बजे तक दूसरे सत्र में आंतरिक सुरक्षा और सुरक्षा बलों का प्रशिक्षण व आधुनिकीकरण विषय पर विशेषज्ञ परिचर्चा करेंगे। तीसरे सत्र में सैनिक कल्याण एवं सेवानिवृत्ति के बाद गरिमा और अंतिम सत्र में देश की सुरक्षा में उत्तराखंड का योगदान विषय पर संवाद किया जाएगा।