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उत्तरांखड के पूर्व सीएम हरीश रावत के प्रार्थना पत्र पर हाईकोर्ट ने सीबीआई से मांगा जवाब
Fri, 01 Nov 2019 12:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 01 Nov 2019 12:01 PM IST
सार
- सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर को पूर्व सीएम ने हाईकोर्ट में दी है चुनौती
- हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 जनवरी 2020 की तिथि की नियत
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
विधायकों की खरीद-फरोख्त संबंधी स्टिंग ऑपरेशन पर सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाले पूर्व सीएम हरीश रावत के प्रार्थना पत्र पर हाईकोर्ट ने सीबीआई को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए सात जनवरी 2020 की तिथि नियत की है। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार मार्च 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत का स्टिंग ऑपरेशन सामने आया था।
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इसके बाद कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई और राज्यपाल की संस्तुति पर रावत के खिलाफ सीबीआई जांच शुरू हुई। सीबीआई की ओर से प्राथमिक जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करते हुए रावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी गई। इसी से जुड़े प्रकरण में हरक सिंह रावत ने कैबिनेट के 15 मई 2016 के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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इसमें कैबिनेट ने सीबीआई से जांच हटाकर एसआईटी को जांच के आदेश दे दिए थे। इस बैठक में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की गैर मौजूदगी में कैबिनेट के अन्य सदस्यों द्वारा निर्णय लिया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, हरक सिंह रावत और समाचार प्लस के सीईओ उमेश शर्मा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई।