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Uttarakhand Forest Fire: केंद्रीय गृह सचिव ने प्रदेश सरकार से ली रिपोर्ट, सीएस ने कहा-दुष्प्रचार कर रहे लोग
Thu, 09 May 2024 04:42 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 09 May 2024 04:42 PM IST
सार
Uttarakhand Forest Fire: मुख्य सचिव ने कहा कि वनाग्नि को लेकर गलत आंकड़ों का दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्य सचिव राधा रतूड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने वनाग्नि की स्थिति पर उत्तराखंड सरकार से रिपोर्ट ली। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उन्हें बताया कि प्रदेश में 0.1 प्रतिशत वन क्षेत्र वनाग्नि से प्रभावित हुआ है, लेकिन कुछ लोग गलत आंकड़ों से दुष्प्रचार कर रहे हैं।
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कहा, गलत आंकड़ों से दुष्प्रचार करने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार वैधानिक कार्रवाई करेगी। बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह सचिव ने वर्चुअल माध्यम से उत्तराखंड के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने जंगल की आग की अब तक की स्थिति और उसे रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने कहा, रिस्पॉन्स टाइम को कम करने से वनाग्नि पर नियंत्रण करने में सफलता मिली है।
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बताया, पिछले 24 घंटों में वनाग्नि की कोई भी नई घटना नहीं हुई है। वनाग्नि की घटनाओं में पिछले दो दिनों से लगातार कमी आ रही है। कहा, राज्य में सक्रिय वन पंचायतों, वनाग्नि प्रबंधन समितियों, महिला मंगल दलों, युवा मंगल दलों को जागरूक करके और उत्तरदायी बना कर गांवों के नजदीक के जंगल के इलाकों में वनाग्नि नियंत्रण में सफलता मिली है।
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कहा, वनाग्नि नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामुदायिक संस्थाओं व फील्ड अधिकारियों को प्रोत्साहन, पुरस्कार व तत्काल बजट आंवटन से वनाग्नि नियंत्रण के प्रयासों को एक नई गति मिली है। गृह सचिव ने वनाग्नि नियंत्रण के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन का आश्वासन दिया। बैठक में प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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10 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
मुख्य सचिव ने कहा, जंगल में आग लगाने के आरोप में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। राज्य में 417 वन अपराध दर्ज हो चुके हैं। 13 लोगों के एफआईआर दर्ज हो चुकी है। बताया, 28 अप्रैल से एक मई तक एनडीआरएफ की 15वीं बटालियन ने नैनीताल फॉरेस्ट डिवीजन में वनाग्नि नियंत्रण में सहयोग किया। यह बटालियन गढ़वाल फॉरेस्ट डिवीजन पहुंच चुकी है। वायुसेना के हेलिकॉप्टर एमआई ने गढ़वाल में 44,600 लीटर पानी का छिड़काव किया।
आग रोकने के लिए पूरी ताकत झोंकी
कहा, जंगल की आग रोकने के लिए शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के स्तर पर निरंतर समीक्षा व मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्य सचिव भी लगातार मॉनिटरिंग बैठकों के साथ स्थिति पर सीधी निगरानी रखी जा रही है। पीसीसीएफ (हॉफ) तथा एपीसीसीएफ वनाग्नि व आपदा प्रबंधन विभाग फील्ड ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं।
रिस्पांस टाइम को कम करने का प्रयास
मुख्य सचिव ने कहा, रिस्पॉन्स टाइम को कम करने में सफलता मिली है। एफएसआई से प्राप्त फायर अलर्ट को तत्काल संबंधित सोशल मीडिया समूहों में डालकर क्रू टीम को उसी समय घटनास्थल पर भेजा जा रहा है।