{"_id":"6225fd4b314bf623cc0cfa46","slug":"uttarakhand-floriculture-increased-in-the-state-area-of-flower-production-increased-by-nine-percent-in-20-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: राज्य में बढ़ा फूलों की खेती का रकबा, 20 सालों में नौ प्रतिशत बढ़ा पुष्प उत्पादन का क्षेत्रफल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: राज्य में बढ़ा फूलों की खेती का रकबा, 20 सालों में नौ प्रतिशत बढ़ा पुष्प उत्पादन का क्षेत्रफल
Mon, 07 Mar 2022 06:20 PM IST
रेनू सकलानी
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Mon, 07 Mar 2022 06:20 PM IST
सार
बाजार में फूलों की बढ़ती मांग को देेखते हुए किसानों में पुष्प उत्पादन में रुचि बढ़ रही है। राज्य गठन से पहले उत्तराखंड में 150 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती होती थी। जो बढ़कर 1600 हेक्टेयर पहुंच गई है।
विज्ञापन
फूलों की खेती
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में फूलों की खेती के लिए किसान आगे आ रहे हैं। जिससे राज्य गठन के बाद प्रदेश में फूलों की खेती का रकबा बढ़ा है। पिछले 20 सालों में पुष्प उत्पादन का क्षेत्रफल नौ प्रतिशत बढ़ा है। वर्तमान में राज्य में 250 करोड़ का फूलों का कारोबार हो रहा है।
विज्ञापन
राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां और जलवायु फूलों की खेती के उपयुक्त है। बाजार में फूलों की बढ़ती मांग को देेखते हुए किसानों में पुष्प उत्पादन में रुचि बढ़ रही है। राज्य गठन से पहले उत्तराखंड में 150 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती होती थी। जो बढ़कर 1600 हेक्टेयर पहुंच गई है। खास बात यह है कि फूलों की खेती को जंगली जानवर और बंदर नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। संरक्षित खेती के तहत किसान पाली हाउस लगाकर पुष्प उत्पादन कर रहे हैं।
विज्ञापन
नैनीताल जिले में मुख्य रूप से कट फ्लावर का उत्पादन
राज्य के किसान गुलाब गेंदा, रजनीगंधा, कोरेनेशन, ग्लेडियोलस, लीलियम, गुलदाउदी समेत अन्य किस्मों के फूलों की खेती कर रही है। वर्तमान में राज्य में कट फ्लावर का 3322 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में मुख्य रूप से कट फ्लावर का उत्पादन किया जा रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: नानकमत्ता साहिब और गूलरभोज जलाशय में उतारे जा सकेंगे अब सी प्लेन, केंद्र की मिली मंजूरी
प्रदेश से दिल्ली, मेरठ, कानपुर, लखनऊ, चंडीगढ़ समेत अन्य महानगरों में लगभग 250 करोड़ का फूलों का कारोबार हो रहा है। उद्यान निदेशक डा. एचएस बवेजा का कहना है कि प्रदेश के किसान व्यावसायिक रूप में पुष्प उत्पादन कर रहे हैं। सरकार की ओर से फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा जा रहा है। यही वजह है कि प्रदेश में लगातार पुष्प उत्पादन का क्षेत्रफल बढ़ रहा है।