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आपदा राहत को चाहिए चौदह हजार करोड़ रुपये
देहरादून/ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2013 10:28 AM IST
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प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की विशेष कमेटी के समक्ष रखने के लिए 14 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य सरकार की ओर से तैयार किया गया है। प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण एवं पुनर्वास के लिए गठित इस विशेष कमेटी की पहली बैठक बुधवार को होनी है। बैठक के लिए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा मंगलवार को दिल्ली रवाना हो गए।
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प्रस्ताव के लिए मंगलवार शाम तक विभागों की ओर से जानकारी व प्रस्तावित धनराशि का विवरण भेजे जाने का क्रम जारी था। इसके बाद देर शाम तक चली कसरत के बाद 14 हजार करोड़ रुपये का आपदा राहत प्रस्ताव तैयार किया जा सका। यह प्रस्ताव तीन हिस्सों में है। इसमें एक हिस्सा एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिलीफ फंड) के लिए है। इसकी धनराशि यहीं से मिलेगी। दूसरा प्रस्ताव केंद्रीय योजना आयोग के लिए है।
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योजना आयोग इसके लिए अलग से धनराशि मुहैया कराएगा या फिर एडीबी या वर्ल्ड बैंक से पैसा लेकर दिया जाएगा, यह फैसला बाद में होगा। प्रस्ताव का तीसरा हिस्सा केंद्रीय मंत्रिमंडल की उस समिति के लिए है जिसका गठन उत्तराखंड के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुआ है।
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी इस समिति के सदस्य है। बुधवार की बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव व मुख्य स्थानिक आयुक्त के ही उपस्थित रहने की ज्यादा संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री के साथ ही सभी महत्वपूर्ण महकमों के केंद्रीय मंत्री रहेंगे।
दिए गए सुझाव भी शामिल
बदरी-केदार धाम विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण पर भी विचार हो रहा है। भविष्य में इस प्राधिकरण को अस्तित्व में लाने के लिए बात बन सकती है। मुख्य स्थानिक आयुक्त सुनील कुमार मट्टू के इस सुझाव को केंद्रीय कमेटी के समक्ष रखे जाने वाले प्रस्ताव में शामिल किया गया है। इसके अलावा मनरेगा को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी बनाने का बिंदु भी शामिल है।
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