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टूरिज्म पर दिख रहा आपदा के डर का असर
न्यू टिहरी से अरुणेश पठानिया
Updated Wed, 30 Apr 2014 04:09 PM IST
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आपदा के डर का असर तीर्थाटन और पर्यटन सीजन पर दिखने लगा है। पर्यटकों ने अभी तक पहाड़ों का रुख नहीं किया है।
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घोड़े खच्चर वाले व छोटे दुकानदार परेशान
मसूरी तक भले कुछ पर्यटक पहुंच भी रहे हैं, लेकिन उससे आगे की संख्या न के बराबर है। धनौल्टी में पर्यटकों के इंतजार में घोड़े खच्चर वालों के अलावा छोटे दुकानदार परेशान हैं।
गर्मियां शुरू होते ही पर्यटक मसूरी धनोल्टी आने लगते थे। इसके साथ ही यात्रा सीजन से पहले यमनौत्री गंगोत्री जाने वाली तीर्थयात्री भी इस रूट पर आते थे।
तीन दिन बाद गंगोत्री यमनौत्री के कपाट खुलने वाले हैं, लेकिन अभी तक पर्यटन और तीर्थाटन में मायूसी छाई हुई है। धनोल्टी में घोड़ा खच्चर चालक रमेश कुमार ने बताया कि अप्रैल में हमारे पर काम शुरू हो जाता था।
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लेकिन अब तो मई आने को है पर पर्यटकों की संख्या न के बराबर है। यहीं पर रेस्टोरेंट चला रहे मनमोहन बिष्ट ने बताया कि यह चार धाम का रूट भी है, जिसपर चलने वाले तीर्थ यात्री गर्मियों में अच्छी आय होती है।
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आपदा के बाद हालत खराब
आपदा के बाद तीर्थ यात्रा के लिए इस रूट पर तो कोई आवाजाही शुरू नहीं हुआ है। धनोल्टी से 20 किलोमीटर आगे कद्दूखाल में प्राचीन सूरकंडा देवी मंदिर है। इस मंदिर पर तीर्थयात्रियों की हर वर्ष खासी तादात रहती है।
लगभग दो दर्जन दुकानें यहां है। दुकानदार राजेंद्र प्रसाद उनियाल ने बताया कि इस बार तीर्थयात्री बेहद कम आ रहे हैं। यह आपदा का असर है जिसके चलते लोगों में खौफ है।
प्रसाद बेचने की दुकान चला रहे महेश कुमार ने बताया कि यह पहला मौका है जब यात्रियों और पर्यटकों की संख्या न के बराबर है। आपदा का यहां कोई असर नहीं पड़ा बावजूद इसके बाहर से कम लोग आ रहे हैं।
मंदिर में अन्य राज्यों से श्रद्धालुओं की संख्या भी कम हुई है। यहीं के प्रधान तेज नारायण उनियाल ने बताया कि आपदा के बाद से पर्यटकों की संख्या कम रही है।
छोटे दुकानदारों के लिए यह बड़ी समस्या है, जिनका रोजी रोटी दुकान से चलती है।
जब पर्यटक नहीं आएंगे दो दुकान का किराया, बिजली बिल और घर का खर्च कैसे चलेगा। उन्होंने बताया कि इस बार गंगोत्री यमुनोत्री में तीर्थयात्रियों की कम संख्या पूरे क्षेत्र में सड़क किनारे चल रही दुकानों का कारोबार चौपट कर देगी।
छोटे बच्चे व बुर्जुग केदार यात्रा से परहेज करें: सीएस
प्रदेश के मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने केदारनाथ यात्रा के लिए छोटे बच्चों और बुर्जुगों से परहेज की अपील की है।
उनका कहना है कि केदारघाटी के आसपास अभी भी तीन से चार फीट बर्फ जमा है। ऐसे में छोटे बच्चों को बुर्जुगों को स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ हो सकती है।
इसीलिए सिर्फ केदारनाथ के यात्रियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अत्याधिक छोटे बच्चे और बुर्जुग यात्रा में शामिल ना हों।