उत्तराखंड: रिपोर्ट में हुआ खुलासा, मानव विकास के मामले में यह जिला है सबसे आगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधिक प्रतिव्यक्ति आय होने की वजह से मैदानी जनपदों की रैकिंग सर्वोच्च स्तर पर आंकी गई है। रिपोर्ट का बहुआयामी गरीबी सूचकांक बता रहा है कि मैदानी जिलों की तुलना में चमोली, चंपावत और पिथौरागढ़ में लोग ज्यादा गरीब हैं। मैदानों की तरह उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर की सुविधाएं प्राप्त नहीं हो पा रही हैं। अलबत्ता लैंगिक विकास सूचकांक में उत्तरकाशी पहले, रुद्रप्रयाग दूसरे व बागेश्वर तीसरे स्थान पर है।
जबकि ऊधमसिंह नगर का 11वां, देहरादून का 12वां व हरिद्वार का 13वां स्थान है। रिपोर्ट का मसौदा तैयार हो चुका है और अब इसे अंतिम रूप देने के लिए सभी संबंधित विभागों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। अगले 15 दिनों में ये रिपोर्ट पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। विभागीय स्तर पर रिपोर्ट की हो रही समीक्षा के बीच वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने भी सोमवार को सचिवालय में रिपोर्ट पर चर्चा की। इस दौरान सचिव नियोजन अमित सिंह नेगी, सचिव डॉ.भूपेंद्र कौर औलख, आर मीनाक्षी सुंदरम, बीएस मनराल, निदेशक अर्थ एवं संख्या सुशील कुमार समेत कई अन्य विशेषज्ञ प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जनपद अंक रैंकिंग
देहरादून 0.765 1
हरिद्वार 0.733 2
यूएसनगर 0.717 3
चमोली 0.691 4
पौड़ी 0.678 5
पिथौरागढ़ 0.675 6
नैनीताल 0.674 7
बागेश्वर 0.662 8
अल्मोड़ा 0.655 9
उत्तरकाशी 0.630 10
रुद्रप्रयाग 0.626 11
चंपावत 0.620 12
टिहरी 0.611 13
....................................
उत्तराखंड 0.718
यह प्रदेश की पहली मानव विकास रिपोर्ट है, जो राज्य के संतुलित विकास एवं नीति नियोजन में प्रभावी मार्गदर्शन करेगी। इसे विजन 2030 के साथ जोड़ा जाएगा ताकि अपेक्षित परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री।
ये होता है मानव विकास सूचकांक
जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और प्रतिव्यक्ति आय संकेतकों का एक समग्र आंकड़ा मानव विकास सूचकांक होता है। ये मानव विकास के चार स्तरों पर क्षेत्रों को श्रेणी गत करने में उपयोग किया जाता है।