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Uttarakhand Election 2022: हिजाब को लेकर सीएम धामी का बयान, शपथ ग्रहण करते ही तैयार करेंगे ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’

Sat, 12 Feb 2022 08:04 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 12 Feb 2022 08:04 PM IST
सार

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार बनने पर शपथ ग्रहण करते ही  ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ का ड्राफ्ट तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून बनेगा। चाहे वे किसी भी धर्म में विश्वास रखते हों।
 

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Uttarakhand Election 2022: CM Pushkar Singh Dhami Said on Hijab, Will Prepare Uniform Civil Code As Soon As Takes Oath
पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्नाटक में उपजे हिजाब विवाद के बाद अब उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बयान दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार बनने पर शपथ ग्रहण करते ही ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ का ड्राफ्ट तैयार करेंगे।

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विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन शनिवार को रुद्रपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के दोबारा सत्ता में आने के बाद सबसे पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) लागू किया जाएगा। इससे सभी धर्मों के नागरिकों के लिए समान कानून लागू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कमेटी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 
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क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड
यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ है प्रत्येक नागरिक को एक समान कानून का अधिकार। यह एक प्रकार का पंथ निरपेक्ष कानून है। यह कानून सभी धर्मों और जातियों के लोगों पर एक समान रूप से लागू होगा। विवाह, तलाक व जमीन जायदाद के बंटवारे में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून होगा।

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यूनिफॉर्म सिविल कोड से सामाजिक सद्भाव बढ़ाने की बात पर जोर देते हुए सीएम धामी ने कहा कि यह लैंगिक न्याय को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि देश में सभी धर्मों के विवाह और तलाक के कानून अलग-अलग हैं। संपत्ति और पैतृकता के कानून भी अलग-अलग हैं। कहा कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार,जमीन-जायदाद जैसे विषयों पर सभी नागरिकों के लिए एक समान अधिकार होगा। जाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो। 

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शनिवार को जारी किए गए बयान में धामी ने बताया कि रिटायर्ड जजों, प्रबुद्धजनों व समाज के विभिन्न वर्गों की एक कमेटी बनाई जाएगी, जो ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’के लिए ड्राफ्ट तैयार करेगी। वहीं सीएम धामी के बयान पर भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने अपने ने प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री के बयान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इससे समाज में एकरूपता आएगी। सीएम धामी उत्तराखंड की बेहतरी के लिए कई निर्णायक फैसले ले रहे हैं।   




गौरतलब है कि उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। हिजाब पहनकर आ रही छात्राओं को क्लास में आने से रोकने के बाद यह विवाद बढ़ता जा रहा है। विवाद बढ़ता देख कर्नाटक में 16 फरवरी तक सभी कॉलेज, स्कूल बंद रहेंगे। 

कैलाश विजयवर्गीय ने दी कॉमन सिविल कोड पर बधाई

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की राज्य में चुनाव बाद समान नागरिक संहिता लागू कराने की घोषणा का स्वागत किया है। विजयवर्गीय ने कहा है कि किसी भी राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कराने के संबंध में यह पहला कदम होगा। यूनिफार्म सिविल कोड का दायरा विवाह, तलाक, जमीन-जायदाद और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर लागू होगा। देशभर में समान नागरिक संहिता लागू कराने के प्रबल पक्षधर और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इससे सभी पक्षों को बराबर के अधिकार मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड लागू करने से पहले मसौदा तैयार करने के लिए समिति का गठन करने का फैसला भी सही कदम है। समिति सभी पक्षों की राय जानने के बाद ही समान नागरिक संहिता लागू करने का ड्राफ्ट तैयार करेगी। सभी पक्षों की राय से समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद किसी को भी आपत्ति नहीं होगी। विजयवर्गीय ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के अन्तर्गत राज्यों को समान नागरिक संहिता लागू करने का अधिकार मिला है। उत्तराखंड में इस मसले पर पहल होने से देश के अन्य राज्यों को भी इससे प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी समान नागरिक संहिता लागू करने के संबंध में सरकार से जवाब मांगे हैं। सुप्रीम कोर्ट कई बार यूनिफार्म सिविल कोड लागू करने के मसले पर अपनी राय दे चुका है।

समान नागरिक संहिता लाने वाले पांच साल कहां थे : सिसोदिया 
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि चुनाव के ऐन वक्त पर समान नागरिक संहिता लाने वाले पांच साल से कहां थे। अपने चुनावी घोषणापत्र में यह बात क्यों नहीं की है। शनिवार को चुनाव प्रचार के लिए देहरादून पहुंचे सिसोदिया ने कहा कि चुनाव के समय जनता को गुमराह करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समान नागरिक संहिता की घोषणा कर रहे हैं। आखिर भाजपा सरकार पांच साल तक कहां थी। चुनाव में हार को देखते हुए भाजपा झूठी घोषणाएं कर प्रदेश की जनता से छलावा कर रही है। यदि भाजपा की मंशा समान नागरिक संहिता लाने की थी कि उसने अपने चुनावी घोषणापत्र में इसका जिक्र क्यों नहीं किया है। ब्यूरो 

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