फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand election results 2022: Congress fielded Baghel to cut off Vijayvargiya, security shield designed to protect MLAs from horse trading

Uttarakhand election results 2022: विजयवर्गीय की काट के लिए कांग्रेस ने बघेल को उतारा, विधायकों को हॉर्स ट्रेडिंग से बचाने के लिए बनाया गया सुरक्षा कवच  

Thu, 10 Mar 2022 07:37 AM IST
रेनू सकलानी विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून
विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 10 Mar 2022 07:37 AM IST
सार

कांग्रेस पार्टी के आंतरिक सर्वे में उत्तराखंड में कांग्रेस को 35 से 40 सीटें मिलने का अनुमान है। ऐसे में जीती बाजी हाथ से निकल न जाए, इसके लिए पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।

विज्ञापन
Uttarakhand election results 2022: Congress fielded Baghel to cut off Vijayvargiya, security shield designed to protect MLAs from horse trading
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव परिणाम 2022, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय और कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय की काट के लिए कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मैदान में उतार दिया है। बुधवार देर शाम उन्होंने राजधानी देहरादून पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। बघेल के रणनीतिक मोर्चा संभालने से भाजपा खेमे में भी हलचल है।

विज्ञापन


जरूरत पड़ने पर विधायकों को किया जाएगा एयरलिफ्ट
बताया जा रहा है कि अपने विधायकों को हॉर्स ट्रेडिंग से बचाने के लिए बघेल पूरी योजना के साथ मैदान में उतरे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर विधायकों को एयरलिफ्ट कर दूसरे राज्यों में पहुंचाने की भी योजना बनाई गई है। एग्जिट पोल के नतीजों के उलट कांग्रेस अपने आंतरिक सर्वे के आधार पर पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में सरकार बनाने के लिए सक्रिय हो गई है।
विज्ञापन


सर्वे में दावा किया गया है कि तीनों ही राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस में किसी तरह की टूट-फूट न हो, इसके लिए पार्टी ने उत्तराखंड, गोवा और पंजाब में तीन बड़े नेताओं को भेजा है। उत्तराखंड की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सौंपी है जबकि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन को पंजाब और कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार को गोवा में विधायकों को संभालने का जिम्मा सौंपा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Uttarakhand assembly election results 2022: मतगणना से पहले हरीश रावत ने उठाए सवाल, स्ट्रांग रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे क्यों बंद हो रहे बार-बार

इसके साथ ही पार्टी ने पिछले अनुभवों के आधार पर अपने विधायकों को किसी भी तरह दूसरे पाले में जाने से बचाने की कवायद भी तेज कर दी है। पार्टी के आंतरिक सर्वे में उत्तराखंड में कांग्रेस को 35 से 40 सीटें मिलने का अनुमान है। ऐसे में जीती बाजी हाथ से निकल न जाए, इसके लिए पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधायकों को अपने पाले में रखने के लिए हर तरकीब अपनाई जाएगी।

कुमाऊं और गढ़वाल के सुदूर इलाकों से जीतने वाले विधायकों को सड़क मार्ग से देहरादून पहुंचने में कई घंटे लग सकते हैं। ऐसे में उन्हें हेलीकॉप्टर से देहरादून लाया जाएगा। इसके बाद जरूरत पड़ने पर छत्तीसगढ़ या राजस्थान भी शिफ्ट किया जा सकता है। बघेल का साथ देने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ और पर्यवेक्षक मोहन प्रकाश जोशी को भी लगाया गया है।

इससे पहले ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से विशेष पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए सांसद एवं कांग्रेस इलेक्शन कमेटी (सीईसी) सदस्य दिपेंद्र हुड्डा, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एमबी पाटिल, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन अविनाश पांडे सहित तमाम रणनीतिकारों ने पहले ही मोर्चा संभाल लिया था। बताते चलें कि भाजपा ने करीब एक सप्ताह पूर्व जब राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को देहरादून भेजा था, तभी से कांग्रेस में खलबली मची थी। 

गोवा का इतिहास नहीं दोहराना चाहती पार्टी 
कांग्रेस को वर्ष 2017 के चुनाव में गोवा जैसे छोटे राज्य के हाथ से फिसलने का मलाल अब तक है। इस चुनाव में पिछला इतिहास न दोहराया जाए, इसके लिए पार्टी पहले से सचेत है। तब कांग्रेस गोवा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। 40 में से कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं, लेकिन 13 सीटें जीतने के बावजूद भाजपा ने यहां सरकार बना ली थी। 

मुख्यालय से लेकर जिलों तक तैयार रहेगी लीगल टीम 
मतगणना के दौरान किसी भी तरह का कानूनी पेच फंसने की स्थिति में कांग्रेस की लीगल टीम तुरंत एक्शन में आ जाएगी। इसके लिए मुख्यालय स्तर से लेकर जिलों तक वकीलों के पैनल तैयार किए गए हैं। कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने बताया कि पर्यवेक्षक मोहन प्रकाश जोशी की ओर से भी प्रत्याशियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर भी वकीलों की एक टीम तैयार रखें ताकि किसी भी कानूनी मसले के फंसने पर तुरंत निपटारा किया जा सके।


राजधानी के कई होटलों में बैठकों का दौर 
कांग्रेस मुख्यालय के आठ से दस किमी के दायरे में स्थित कई होटलों में कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा है। प्रदेश में सरकार बनाने को लेकर उत्साहित कांग्रेस के कई नेता दूसरे प्रदेशों से भी पहुंचे हैं जबकि तमाम प्रत्याशियों ने भी अपने-अपने स्तर पर भी राजधानी के होटलों में कमरे बुक कराए हैं। बुधवार को होटलों में कांग्रेस नेताओं का आना-जाना और बैठकों का दौर चलता रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed