फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand election result 2022: Ten mantras with Modi magic become the basis of victory in Uttarakhand

मोदी मैजिक के साथ दस मंत्र बने जीत का आधार: उत्तराखंड में भाजपा फूंकती रही संगठन का मंत्र, गुटबाजी में फंसा रहा कांग्रेस का तंत्र

Tue, 15 Mar 2022 11:22 AM IST
रेनू सकलानी न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 15 Mar 2022 11:22 AM IST
सार

मोदी मैजिक के साथ ही भाजपा की जीत की पटकथा लिखने वाले दस अहम मंत्रों को लेकर उत्तराखंड में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपने बात रखी। प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार और प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने भाजपा की जीत में संगठन की भूमिका और रणनीति के बारे में बताया।  

विज्ञापन
Uttarakhand election result 2022: Ten mantras with Modi magic become the basis of victory in Uttarakhand
पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में पराजय के गम में डूबी कांग्रेस विचार कर रही है कि आखिर वह क्यों हारी और भाजपा सत्तारोधी रुझान, महंगाई और बेरोजगारी सरीखे ज्वलंत मुद्दों के बावजूद कैसे बड़ा बहुमत हासिल कर गई। कांग्रेस इसे बेशक एक अबूझ पहेली मान रही है, लेकिन शानदार जीत से चहक रही भाजपा के लिए यह पहेली नहीं बल्कि मोदी मैजिक के साथ सांगठनिक रणनीति की करामात है।

विज्ञापन


चुनाव से छह महीने पहले ही भाजपा अपने सांगठनिक रणनीति का मंत्र फूंक चुकी थी, जबकि कांग्रेस का प्रमुख तंत्र गुटबाजी में उलझा हुआ था। अमर उजाला ने प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार और प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार से भाजपा की जीत में संगठन की भूमिका के बारे में पूछा तो उन्होंने पार्टी के वे 10 मंत्र बताए जिन्होंने भाजपा की जीत की पटकथा लिखी। जिन्हें हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं....
विज्ञापन

 

ये भी पढ़ें...उत्तराखंड सीएम पर आज फैसला संभव: धामी को बुलाया गया दिल्ली, नड्डा और बीएल संतोष के साथ करेंगे बैठक

विज्ञापन
विज्ञापन


आठ माह पहले चुनाव का लक्ष्य बनाया
पार्टी ने विधानसभा चुनाव से आठ महीने पहले लक्ष्य बनाया। चिंतन बैठक के जरिये एक चरणबद्ध ढंग से कार्ययोजना तैयार की। जिसे सिलसिलेवार धरातल पर उतारा गया।

छह महीने पहले 70 सीटों पर विस्तारक भेजे
पार्टी ने चुनाव से छह महीने पहले सभी 70 विधानसभा सीटों पर विस्तारकों को तैनात किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा संगठन के बीच की इस अहम कड़ी को चुनाव क्षेत्र में प्रत्याशी और पार्टी की नब्ज टटोलने का जिम्मा दिया। वे चुनाव तक अपनी भूमिका निभाते रहे।

तीन महीने पहले प्रभारी तैनात कर दिए
चुनाव से तीन महीने पहले पार्टी सभी सीटों पर प्रभारी तैनात कर दिए। ये जिम्मेदारी पार्टी के पूर्व विधायकों, वरिष्ठ पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को सौंपी गई। उन्हें दूसरी विधानसभा सीट पर भेजा गया ताकि वे प्रभावित होकर काम न करें बल्कि सही फीडबैक दें।

महिलाओं को सह प्रभारी बनाने का प्रयोग
पार्टी ने पहली बार महिलाओं को सह प्रभारी बनाने का प्रयोग किया। यह प्रयोग कारगर रहा। पार्टी की कई महिला नेत्रियों को दायित्व मिला। पार्टी के लिए महिला मतदाताओं तक पहुंचना सहज हो गया। उनके माध्यम से कार्यक्रम चलाए गए।

हर विस में दो प्रवासी कार्यकर्ता
चुनाव से ठीक एक महीने पहले पार्टी ने हर विधानसभा सीट पर दो प्रवासी कार्यकर्ताओं को नियुक्त किया। दूसरे राज्यों से आए इन प्रवासी कार्यकर्ताओं ने बैठकों के जरिये पक्ष, विपक्ष की रणनीति का मंथन किया। बूथों पर 92 हजार से अधिक बैठकें पार्टी ने जिला प्रभारी व सह प्रभारी बनाएं। सभी प्रभारियों को हर बूथ पर कम से कम 50 लोगों की बैठकें करने का जिम्मा सौंपा। ऐसी करीब 92 हजार बैठकें हुईं। ये बैठकें कार्यकर्ताओं के घरों पर हुईं।

प्रभावशाली वोटर्स को साधा

पार्टी ने समाज के ऐसे लोगों की सूची तैयार की, जो अपने कार्यक्षेत्र की वजह से एक बड़े वर्ग प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। यह जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्रियों व वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को दी गईं।

हर सप्ताह महामंत्रियों की समीक्षा बैठक
इन सारी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए महामंत्री संगठन अजेय कुमार, तीनों महामंत्री कुलदीप कुमार, राजेंद्र भंडारी और सुरेश भट्ट की टीम ने हर सप्ताह वर्चुअल समीक्षा बैठकें कीं और दिशा-निर्देश दिए।
 धुआंधार सर्वे पार्टी ने सांगठनिक नेटवर्क के फीडबैक के साथ ही स्वतंत्र एजेंसियों से हर विधानसभा में सर्वेक्षण कराए।

जिसका नतीजा था कि कोटद्वार सीट पर ऋतु खंडूड़ी को उतारा गया तो डोईवाला से त्रिवेंद्र ने सीट छोड़ी और उनकी सलाह पर बीबी गैरोला को उम्मीदवार बनाया गया। कैंट और राजपुर रोड जहां पार्टी पिछड़ रही थी, वहां कार्यकर्ताओं को झोंक दिया गया। टिहरी और नैनीताल में प्रत्याशी बदलने का दांव चला। ये सारे दांव सटीक बैठे। इनके पीछे सर्वे रिपोर्ट बड़ा कारण थी। 

- पन्ना प्रमुख का दांव, आरएसएस की ताकत
चुनाव में भाजपा की ताकत को गई गुना बढ़ाने का काम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सांगठनिक ताकत ने किया। आरएसएस के कार्यकर्ता चुपचाप एक-एक बूथ पर वोटों का प्रबंधन करते रहे। इसमें करीब दो लाख पन्ना प्रमुखों की भूमिका अहम रही।

हमने चुनाव को रणनीतिक तरीके से लिया। एक-एक बूथ पर वोटों का प्रबंधन किया। कार्यकर्ताओं ने धरातल पर जाकर सक्रिय रूप से काम किया। इसके हमें अच्छे परिणाम मिले। मैं सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूं। - अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री संगठन, भाजपा

पार्टी की जीत में कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही। हमने रणनीतिक तरीके से चुनाव लड़ा। हमारी लंबी तैयारी रही। प्रधानमंत्री मोदी के करिश्माई नेतृत्व, केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के कुशल नेतृत्व में भाजपा ने इतिहास रचा। सभी कार्यकर्ताओं के हम आभारी हैं। - कुलदीप कुमार, प्रदेश महामंत्री, भाजपा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed