उत्तराखंड: अल्मोड़ा की सल्ट विधानसभा सीट पर 17 अप्रैल को उपचुनाव, दो मई को आएंगे नतीजे
- विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के निधन के बाद खाली हुई थी सीट
- 30 मार्च तक नामांकन, दो मई को आएंगे नतीजे
- किसी विधायक के निधन पर पांचवी बार होगा उपचुनाव
विस्तार
उत्तराखंड के अल्मोड़ा की सल्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव 17 अप्रैल को होगा। मंगलवार को केंद्रीय चुनाव आयोग की अधिसूचना के बाद अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी एसए मुरूगेशन ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी। इसके तहत 30 मार्च तक नामांकन किए जाएंगे।
सल्ट विधानसभा सीट विधायक सुरेंद्र सिंह जीना की मृत्यु के बाद खाली हुई थी। यहां उपचुनाव की तारीख का इंतजार मंगलवार को खत्म हो गया। इस सीट पर 30 मार्च तक नामांकन होंगे। इसके बाद सभी नामांकन की स्क्रूटनी 31 मार्च को की जाएगी। तीन अप्रैल तक नाम वापसी होगी। इसके बाद 17 अप्रैल को उपचुनाव होगा। उपचुनाव के नतीजे दो मई को आएंगे। चार मई से पहले निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी करनी है।
भारतीय जनता पार्टी इस उपचुनाव में भारी बहुमत से विजयी होकर अपने नेता स्व. सुरेंद्र सिंह जीना को श्रद्धांजलि अर्पित करेगी।
-मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
सल्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए हमारी पार्टी पूरी तरह से तैयार है। जल्द प्रत्याशी तय किया जाएगा, हमारी जीत तय है।
- सूर्यकांत धस्माना, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कांग्रेस
किसी विधायक के निधन पर पांचवी बार होगा उपचुनाव
उत्तराखंड राज्य में किसी विधायक के निधन के बाद विधानसभा के लिए उपचुनाव का यह पांचवा मामला है। राज्य में सबसे पहले साल 2004 में द्वाराहाट के विधायक विपिन त्रिपाठी के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव हुए थे। दूसरी बार वर्ष 2014 में भगवानपुर के विधायक सुरेंद्र राकेश के निधन के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव हुए।
तीसरी बार वर्ष 2018 में थराली के विधायक मगनलाल शाह के निधन के बाद खाली हुई विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए थे। वहीं वर्ष 2019 में वित्तमंत्री प्रकाश पंत के निधन के बाद खाली हुई पिथौरागढ़ सीट पर उपचुनाव हुआ था। अब यह पांचवा मौका है जब सल्ट विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के निधन के बाद उपचुनाव होगा। वहीं, विधायकों के निधन होने के अलावा अन्य स्थितियों में भी प्रदेश में कई सीटों पर उपचुनाव हुए हैं।
प्रदेश में कब-कब हुए उपचुनाव
- वर्ष 2002 में रामनगर विधानसभा सीट पर हुआ था उपचुनाव।
- वर्ष 2004 में द्वाराहाट विधानसभा सीट पर हुआ था उपचुनाव।
- वर्ष 2005 में कोटद्वार विधानसभा सीट पर।
- वर्ष 2007 में धुमाकोट विधानसभा सीट पर।
- वर्ष 2009 में कपकोट विधानसभा सीट पर।
- वर्ष 2009 में विकासनगर विधानसभा सीट पर।
- वर्ष 2012 में सितारगंज विधानसभा सीट पर।
- वर्ष 2014 में डोईवाला विधानसभा सीट पर।
- वर्ष 2014 में धारचूला विधानसभा सीट पर।
- वर्ष 2014 में सोमेश्वर विधानसभा सीट पर।
- वर्ष 2015 में भगवानपुर विधानसभा सीट पर।
- वर्ष 2018 में थराली विधानसभा सीट पर।
- वर्ष 2019 में पिथौरागढ़ विधानसभा सीट पर।