Uttarakhand Election 2022: यूपी में भाजपा के कई विधायकों के कटे टिकट, उत्तराखंड में धड़कने तेज
यूपी में विधायकों के टिकट काटे जाने से उत्तराखंड में भाजपा विधायकों की धड़कने तेज हो गई हैं।
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भाजपा ने उत्तर प्रदेश में पहले व दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रत्याशियों की जो सूची जारी की है, उसमें 20 सिटिंग विधायकों के टिकट काट दिए हैं। यूपी में विधायकों के टिकट काटे जाने से उत्तराखंड में भाजपा विधायकों की धड़कने तेज हो गई हैं। अपना टिकट बचाने की जुगत में कई विधायक प्रदेश और केंद्रीय नेताओं के चक्कर काट रहे हैं। इधर, शनिवार को प्रदेश पार्टी कार्यालय में हुई चुनाव समिति की बैठक के बाद ऐसे संकेत मिले हैं कि 12 से 15 विधायकों के टिकट काट सकती है।
यूपी में 83 सीटों के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी
विधानसभा के लिए भाजपा ने यूपी में पहले व दूसरे चरण के मतदान वाली की 83 सीटों के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी की। इसमें 63 सिटिंग विधायकों को दोबारा चुनाव लड़ने का मौका दिया गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उत्तराखंड में भी भाजपा टिकटों के आवंटन तकरीबन यही प्रयोग कर सकती है। यानी 12 से 15 विधायक इस बार टिकट से हाथ सकते हैं। हालांकि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक टिकट से वंचित होने वाले सिटिंग विधायकों की संख्या अधिक भी हो सकती है।
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कई सिटिंग विधायकों को टिकट कटने का खटका
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा में कई सिटिंग विधायकों को अपना टिकट काटे जाने का खटका हो चुका है। यही वजह है कि अपना टिकट बचाने के लिए उन्होंने दौड़ शुरू कर दी है। करीब 12 से 15 विधायक पार्टी के चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार से मुलाकात कर अपनी दावेदारी पैरवी कर चुके हैं। कोर ग्रुप और चुनाव समिति की बैठक की पूर्व संध्या पर भी विधायकों पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को उनके टिकट बचाने की कोशिशों के तौर पर देखा गया।
ये मानी जा रही हैं टिकट कटने की वजह
भाजपा ने जिन सिटिंग विधायकों के टिकट काटे जाने की चर्चा है, उसके पीछे कुछ वजह बताई जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी ने विभिन्न स्तरों पर जो सर्वेक्षण किए हैं, उनमें कुछ सिटिंग विधायकों के खिलाफ उनके चुनाव क्षेत्र में माहौल है। उन्हें बदले जाने से पार्टी सत्तारोधी रुझान से बच सकती है। इसके अलावा कुछ सीटों पर दूसरी सीटों के उम्मीदवारों को उतारकर पार्टी नया प्रयोग करना चाहती है।
बेबी रानी मौर्य भी लड़ेंगी चुनाव
भाजपा ने उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रत्याशी बनाया है। मौर्य आगरा ग्रामीण (अनुसूचित जाति) सीट से चुनाव लड़ेंगी। राजभवन से विदा होने के बाद मौर्य भाजपा की सांगठनिक राजनीति में सक्रिय हैं। पार्टी ने वहां उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है।