Uttarakhand Election 2022: तीनों जगह भाजपा सरकार, फिर भी नहीं निपटा परिसंपत्ति विवाद- हरीश रावत
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है।
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प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उनके समय में केवल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। सिंगल इंजन के बावजूद हमने परिसंपत्तियों के मामले निपटाए। लेकिन आज केंद्र में भाजपा, यूपी में भाजपा और उत्तराखंड में भी भाजपा की सरकार है।
हरीश रावत ने साधा राज्य सरकार पर निशाना
तीनों जगह भाजपा सरकार होने के बावजूद परिसंपत्तियों का विवाद नहीं निपटा। स्थिति जस की तस बनी है। जबकि हमारे समय में सिंगल इंजन, तीनों जगह अलग-अलग सरकारें, उसके बावजूद हमने नहरों का मामला निपटाया, कुछ जलाशयों का मामला निपटाया, रोडवेज की परिसंपत्तियों का मामला कुछ सीमा तक निपटाया।
21 साल बाद: ट्रिपल इंजन की बदौलत उत्तराखंड-यूपी में परिसंपत्ति विवाद की राह खुली
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जमरानी पर उत्तर प्रदेश सरकार से पब्लिक कमिटमेंट कराया कि हम राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के रूप में एक एमओयू साइन करेंगे और उस एमओयू के लिए केवल दो शर्तें रखी गईं कि जितना पानी किच्छा से नीचे उतर प्रदेश के पास है, वो मात्रा बनी रहेगी।
दूसरा एमओयू कि बिजली में उनको कुछ शेयर दिया जाएगा, लेकिन आज जमरानी पर बात आगे नहीं बढ़ रही है, रोडवेज का मामला और उलझ गया है, नहरों और जलाशयों पर उत्तर प्रदेश ने जितना हस्तांतरण कर दिया था परिसंपत्तियों का, उससे आगे बात नहीं बढ़ पाई है। तो तीनों जगह एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद और उत्तर प्रदेश में उत्तराखंडी व्यक्ति के मुख्यमंत्री होने के बावजूद भी परिसंपत्तियों का निपटारा नहीं हो पाया। अब एक राजनैतिक चर्चा के लिए कि हम भी कुछ कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री मिल रहे हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि अच्छा है दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्री मिलें, लेकिन उत्तराखंड के सीएम खाली हाथ न आएं। यूपी से कुछ लेकर आइए और उसे बताइए।
परिसंपत्तियों पर बयानबाजी नहीं श्वेत पत्र जारी करें : कोठियाल
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता कर्नल अजय कोठियाल (सेनि) ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि परिसंपत्तियों के बंटवारे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कोरी बयानबाजी करने के बजाए श्वेत पत्र जारी कर प्रदेश के लोगों को सच बताएं।
कोठियाल ने कहा कि प्रदेश में चुनाव के लिए 100 दिन का समय भी नहीं बचा है। भाजपा सरकार यूपी और उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे पर कोरी बयानबाजी कर प्रदेश के लोगों को गुमराह कर रही है। मुख्यमंत्री धामी को चाहिए कि परिसंपत्तियों पर श्वेतपत्र जारी कर सच बताएं। उत्तराखंड के लोगों के मन में सवाल है कि 21 साल बाद भी 20 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा की परिसंपत्तियां हमें क्यों नहीं मिल पाई हैं। राज्य गठन के बाद भी हमारी जमीन, हमारे संसाधनों, संपत्तियों पर उत्तर प्रदेश का कब्जा बरकरार है।
21 साल पहले जब उत्तराखंड अलग राज्य बना था, तब भी केंद्र के साथ ही यूपी और उत्तराखंड तीनों जगह भाजपा की सरकार थी। आज 21 साल बाद भी वही स्थिति है। केंद्र, यूपी और उत्तराखंड में भाजपा की ट्रिपल इंजन की सरकार है। इसके बावजूद हर साल औसतन एक बैठक होती है। जिस पर लाखों खर्च करने के बाद भी नतीजा शून्य है। कहा कि अब चुनाव में जब 100 दिन भी नहीं बचे हैं, तब मुख्यमंत्री धामी जनता को बरगलाने के लिए कोरी बयानबाजी कर झूठ बोल रहे हैं कि समाधान हो गया है। उन्होंने सीएम को चुनौती दी है कि इस पर श्वेतपत्र जारी कर प्रदेश के लोगों को सच बताएं।