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Harish Rawat: आत्मविश्वास और उत्साह से लबरेज दिखे उत्तराखंड लौटे हरीश रावत, कहा- दुल्हन वही जो पिया मन भाए 

Sun, 26 Dec 2021 12:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 26 Dec 2021 12:49 PM IST
सार

ट्वीट बम फोड़कर कांग्रेस में हलचल मचाने के बाद अपने लिए दिल्ली से उपहार लेकर लौटे पूर्व सीएम हरीश रावत शनिवार को आत्मविश्वास और उत्साह से लबरेज दिखे।

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uttarakhand election 2022: Harish Rawat grand welcome in Roorkee, says Election will be held under my leadership
रुड़की में हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार को रुड़की पहुंचे। जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हरीश रावत के नेतृत्व में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान किया।

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ट्वीट बम फोड़कर कांग्रेस में हलचल मचाने के बाद अपने लिए दिल्ली से उपहार लेकर लौटे पूर्व सीएम हरीश रावत शनिवार को आत्मविश्वास और उत्साह से लबरेज दिखे। फिलहाल उन्हें चुनाव का नेतृत्व मिला है, जीत मिली तो सीएम भी वही बनेंगे। इसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने खुले मंच से इशारों में ही संकेत दे दिए। वहीं खुद हरीश रावत ने भी शायराना अंदाज में इसका जिक्र किया। 
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Uttarakhand Election 2022: हाईकमान की मजबूरी, हरीश रावत हैं जरूरी, उन्हें नाराज कर जोखिम नहीं लेना चाहती कांग्रेस
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जब से प्रदेश कांग्रेस में भाजपा के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की एंट्री हुई है। तब यह सवाल बार-बार सामने आ रहा है कि कांग्रेस को चुनाव में जीत मिलती है तो हरीश रावत ही मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर किसी अन्य बड़े नेता को यह ताज दिया जाएगा। पिछले दो महीनों से कांग्रेस के कार्यक्रमों में भी पदाधिकारी नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के धड़ों के साथ बंटकर काम करते दिखाई दे रहे थे। खुद हरीश रावत ने ट्वीट पर यह कहकर कि उनके हाथ पैर बांधे जा रहे हैं, इस बात का साफ कर दिया था कि कांग्रेस में अंदरखाने खींचतान चल रही है। लेकिन इसके बाद बदले समीकरण में हरीश रावत एक बार फिर हीरो बनकर उभरे हैं।

हरीश रावत ही हो सकते हैं अगले सीएम यही नहीं इस बात की संभावनाएं भी प्रबल हो गई हैं कि कांग्रेस को जीत मिलती है तो अगले सीएम हरीश रावत ही हो सकते हैं। बदले समीकरणों के बाद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी इस तरफ साफ इशारा किया है। रुड़की में कार्यक्रम के दौरान इस बाबत पूछे गए सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने साफ कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में वे सीमाओं का अतिक्रमण नहीं करना चाहते। इससे यह भी साफ हो रहा है कि दिल्ली में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष को इस बाबत साफ संकेत तो मिल चुके हैं, लेकिन सीएम की घोषणा करने पर कहीं पार्टी में गुटबाजी तेज न हो जाए। इसलिए इसे खुलकर एलान करने की मनाही है।

वहीं मंच से संबोधित करते हुए खुद पूर्व सीएम हरीश ने इस सवाल पर शायराना अंदाज में कहा कि उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा। विधायक दल तय करेगा कि कौन मुख्यमंत्री होगा। लेकिन दुल्हन तो वही होगी जो पिया मन भाए। ऐसे में माना जा रहा है कि दल्ली से भी दोनों नेताओं को साफ कर दिया गया है कि जीत मिलने पर अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। 

... तो जीत मिलने पर हरीश रावत ही होंगे उत्तराखंड के अगले सीएम 

ट्वीट बम फोड़कर कांग्रेस में हलचल मचाने के बाद दिल्ली में अपने नाम की मुहर लगवाकर पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ रुड़की पहुंचे। नारसन बॉर्डर पर हुए जोरदार स्वागत के बाद रुड़की में दिल्ली रोड पर प्रेस कांफ्रेंस की। सवाल जवाब शुरू हुए तो हरीश रावत ने कहा कि पहला संबोधन प्रदेश अध्यक्ष करेंगे। जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने ऐलान किया कि हरीश रावत के नाम पर अंतिम मुहर लगी है और आने वाला विधानसभा चुनाव हरीश रावत के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। वहीं हरीश रावत ने उन सभी मुद्दों का जिक्र किया। जिसे लेकर कांग्रेस चुनावी मैदान में उतरेगी। इस दौरान उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी पर खनन को लेकर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश की सारी नदियां खोद डाली, यहां तक की नाले भी नहीं छोड़े हैं। 

पिछले दो दिन से कांग्रेस में मची उथलपुथल शनिवार को उत्साह में तब्दील नजर आई। हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव लड़ेगी, यह बात जैसे ही कार्यकर्ताओं तक पहुंची तो दिल्ली से लौटते समय नारसन बॉर्डर पर पहुंचे पूर्व सीएम का विभिन्न जिलों से सैकड़ों गाड़ियों में पहुंचे नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। घंटों चले इस कार्यक्रम के दौरान यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। नारसन बॉर्डर से लेकर पुरकाजी बाईपास तक कई किलामीटर लंबा जाम लगा रहा। जाम खुलवाने में पुलिस को बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद पूर्व सीएम हरीश रावत हरिद्वार दिल्ली रोड पर स्थानीय कांग्रेसी नेता हंसराज सचदेवा की ओर से आयोजित किए गए कार्यक्रम में पहुंचे। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष गणेश गादियाल भी पहुंचे।

यहां आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में हरीश रावत ने कहा कि सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष अपनी बात रखेंगे। इस पर प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने ऐलान किया कि कल दिल्ली में राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी वरिष्ठ नेताओं ने हरीश रावत के नाम पर मुहर लगा दी है। जिसके बाद अब उनके नेतृत्व में पार्टी चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हजारों गाड़ियों में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया है। उससे साफ है कि अब कार्यकर्ता दोगुने जोश से विरोधियों का मुकाबला करेंगे। इसके बाद पूर्व सीएम हरीश से सवाल पूछा गया कि उन्हें ट्वीट बम फोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी। इस पर उन्होंने कहा कि पीछे की तरफ नकारात्मक रूप से मत देखिए। अब आगे देखना है कि कांग्रेस किस तरह चुनाव में पैर जमाती है। इसके बाद उन्होंने चुनावी मुद्दों पर बताए और विभिन्न मुद्दों पर भाजपा की सरकार पर हमला बोला।

हरकी पैड़ी पर हरीश रावत ने किया गंगा पूजन

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का प्रदेश की सीमा पर कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। हाईकमान से मिलकर लौटने के बाद हरीश रावत नए तेवर व कलेवर में नजर आए। हरिद्वार में पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले मां गंगा की पूजा-अर्चना की। 

मेरे नेतृत्व में लड़ा जाएगा चुनाव, पूरी क्षमता के साथ उतरेंगे मैदान में : हरीश 
दिल्ली से देहरादून पहुंचने पर पूर्व सीएम और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत का कांग्रेस मुख्यालय भवन में ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि 2022 का विधानसभा चुनाव उनके नेेतृत्व में ही लड़ा जाएगा और सभी इसमें सहयोग करेंगे। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय नेेतृत्व का धन्यवाद भी ज्ञापित किया। 

दिल्ली से सुबह दस बजे चला हरीश रावत कारवां रात आठ बजे के करीब कांग्रेस मुख्यालय भवन पहुंचा। इस दौरान रास्ते में कार्यकर्ताओं की ओर से जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। पहुंचते ही पूर्व सीएम सीधे प्रेस से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हाईकमान की ओर से चुनाव अभियान समिति का चेयरमैन बनाया गया था, लेकिन अस्पष्ट सी स्थिति थी। कैंपेन कमेटी को लेकर मेरा क्या दायित्व है, इसे सब अपने-अपने तरीके से परिभाषित कर रहे थे। यह भी सत्य है कि इस कारण अभियान में सब लोग मुझसे नहीं जुड़ पा रहे थे, या मैं उन्हें अपने साथ नहीं जोड़ पा रहा था, लेकिन सबका जुड़ना चुनाव अभियान की सफलता के लिए आवश्यक है। 

हरीश रावत ने कहा कि पौने दो माह के चुनाव कैंपेन में उन्होंने पाया कि उनसे पार्टी को जो मिलना चाहिए, वह नहीं मिल पा रहा था। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत के लिए तमाम लोगों की सेवाओं और कार्यकर्ताओं की क्षमताओं का उपयोग करना पड़ता है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा था। जो अब हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया है। चुनाव मेरे नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा और सब लोग स्पष्ट रूप से उसमें सहयोग करेंगे। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की ओर से गुलदस्ता देकर हरीश रावत का स्वागत किया गया। इस दौरान मथुरादत्त जोशी, जोत सिंह बिष्ट, राजीव जैन, जसवीर रावत आदि मौजूद थे। 

सीएम की घोषणा अध्यक्ष का अधिकार
हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस में शुरुआत से ही यह परंपरा रही है कि जीत दर्ज करने के बाद विधानमंडल दल के सदस्य अपने नेता का चुनाव कर नाम हाईकमान को सौंपते हैं। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाती है। हम उत्तराखंड में भी उस परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद महत्वपूर्ण नहीं है, बहुमत महत्वपूर्ण है। दिल्ली से दून तक अपने स्वागत से गदगद हरीश रावत ने कहा कि जिस तरह का तूफान उनके स्वागत में सड़कों पर उमड़ा है, उससे स्पष्ट हो गया है कि भाजपा जा रही है कांग्रेस आ रही है। उन्होंने कहा कि हम इस प्रवाह को बनाए रखेंगे और सबको साथ लेकर सबके सम्मान के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देते हुए कहा कि हमें टिकटार्थी ही नहीं जीतार्थी भी चाहिए और पार्टी कार्यकर्ताओं के हाथ में यह ताकत है। 

28 से जोड़ पकड़ेगा चुनाव प्रचार अभियान 
हरीश रावत ने कहा कि 28 दिसंबर को कांग्रेस के स्थापना दिवस से कांग्रेस का चुनाव प्रचार अभियान जोर पकड़ेगा। इससे पहले 26 को रुड़की, हरिद्वार, 27 को वह सितारगंज में सभाओं को संबोधित करेंगे। हरीश रावत ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, खनन, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर उनके जनजागरूकता अभियान पहले से जारी हैं। शहीदों के सम्मान में वीर ग्राम प्रणाम यात्रा भी जारी है, जिसका 15 जनवरी को समापन होगा। इसके साथ ही भाजपाई ढोल की पोल खोल अभियान भी जोर पकड़ेगा। इसके तहत पार्टी के नेता प्रतिदिन चार से छह बैठकें लोगों के बीच जाकर करेंगे। 
 
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