उत्तराखंड चुनाव 2022: केंद्रीय चुनाव आयोग ने कसी कमर, आपदा प्रभावितों के दोबारा बनेंगे निशुल्क वोटर आईडी
Uttarakhand Election 2022: राज्य में दैवीय आपदा में अपने कागजात गंवाने वाले सभी लोगों के वोटर कार्ड निशुल्क बनेंगे। अगर निर्धारित मानकों के हिसाब से उनके पास वोटर कार्ड बनवाने के लिए दस्तावेज नहीं हैं तो इसमें भी राहत दे दी गई है।
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। आयोग के केंद्रीय उपनिर्वाचन आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने बृहस्पतिवार को सचिवालय में चुनाव को लेकर चल रही तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए।
बैठक में उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन आयुक्त सहित तमाम विभागों के अधिकारी शामिल हुए। उप निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर राज्य में आई दैवीय आपदा के प्रभावितों को राहत दी गई है।
इसके तहत अगर किसी नागरिक का मतदाता फोटो पहचान पत्र नष्ट हो गया है या खो गया है या क्षतिग्रस्त हो गया है तो ऐसे क्षेत्र विशेष में संबंधित बीएलओ के माध्यम से उनके मतदाता फोटो पहचान पत्र निशुल्क तैयार कर वितरित किए जाएंगे।
इसी प्रकार, यदि आपदा प्रभावित क्षेत्र के किसी नागरिक के अन्य अभिलेख नष्ट हो गए या खो गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं, और निर्वाचक नामावली में नाम पंजीकृत करवाने के लिए फॉर्म-6 में आवेदन के साथ आयु प्रूफ (18-21 आयु वर्ग के) के लिए कोई अभिलेख नहीं रह गया है तो आयु प्रूफ के संबंध में प्रारूप-6 के साथ माता, पिता या शिक्षक के हस्ताक्षर किया हुआ घोषणा पत्र प्रस्तुत किया जा सकता है।
विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश
उन्होंने ऐसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी जनसामान्य की सुविधा के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से प्रदेश में एक से 30 नवंबर के बीच वोट बनाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
पिछले चुनाव में दर्ज हुई 76 एफआईआर, 14 को अदालतों से सजा
उप निर्वाचन आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने पुलिस महानिरीक्षक एपी अंशुमन के साथ पिछले विधानसभा चुनाव से संबंधित अपराधों की समीक्षा की। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान कुल 76 एफआईआर दर्ज हुईं थीं, जिनका निपटारा नियमानुसार किया गया और 14 लोगों को सक्षम न्यायालय से सजा हुई।
कुल 23 निर्वाचन अपराध संबंधी अभियोग अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। उप निर्वाचन आयुक्त ने पुलिस महानिरीक्षक से छह माह से अधिक लंबित गैर जमानती वारंट की समीक्षा करने के साथ-साथ इसकी विस्तृत सूचना भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।