उत्तराखंड चुनाव 2022: विधानसभा चुनाव में भाजपा का युवा कार्ड, पार्टी नेतृत्व ने साफ संकेत दिए
आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी नेतृत्व ने साफ संकेत दिए है कि कमजोर प्रत्याशियों के टिकट कटेंगे। भाजपा की 38 लाख से अधिक युवा मतदाताओं पर नजर है।
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विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सत्तारुढ़ भाजपा युवा कार्ड चलेगी। सत्ता में वापसी के लिए पार्टी ने युवा और महिला चेहरों पर दांव लगाने के संकेत दिए हैं। उत्तराखंड को युवा सरकार की दरकार का नारा देकर पार्टी राज्य के 38 लाख से अधिक युवा मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर सकती है। पार्टी नेतृत्व ने युवाओं और महिलाओं को टिकट आवंटन में प्राथमिकता देने के संकेत दिए हैं।
युवा और महिला मतदाताओं पर साधने की रणनीति
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, जिन सीटों पर पार्टी की स्थिति कमजोर है या जहां उम्रदराज विधायक जीतने की स्थिति में नहीं हैं, वहां पार्टी में सक्रिय युवा चेहरे को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। संगठन स्तर पर कराए गए अभी तक के सर्वे के जो रुझान मिले हैं, उनके अनुसार, साठ पार के संकल्प का पूरा करने के लिए पार्टी युवा और महिला मतदाताओं पर साधने की रणनीति बना रही है।
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युवा और महिलाओं को महत्व क्यों?
विधानसभा चुनाव में भाजपा युवा और महिलाओं को इसलिए महत्व दे रही है क्योंकि राज्य के कुल मतदाताओं में बड़ी हिस्सेदारी युवा और महिला मतदाताओं की है। राज्य में अभी तक कुल 78.46 लाख मतदाता हैं और जिनमें से 48 फीसदी महिला और 49 फीसदी युवा मतदाता हैं। प्रदेश में 18 से 39 आयु वर्ग के 38 लाख 31 हजार 394 मतदाता हैं, जबकि राज्य में 37 लाख 58 हजार 730 महिला मतदाता हैं।
पार्टी की युवा रणनीति
भाजपा ने युवा चेहरे पुष्कर सिंह धामी के हाथों में प्रदेश की सत्ता की कमान सौंपी। अब पार्टी युवा मुख्यमंत्री के नारे के साथ चुनाव में जा रही है। रणनीति के तहत प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर प्रांतीय नेतृत्व की जुबान पर युवा उत्तराखंड, युवा मुख्यमंत्री और युवा सरकार का नारा तैरता नजर आएगा।
संकेत भांप दावेदारी में उतरे युवा चेहरे
भाजपा केंद्रीय नेतृत्व की युवाओं और महिलाओं को दिए जा रहे महत्व को देखते हुए पार्टी में दूसरी पंक्ति के नेताओं ने विधानसभा सीटों पर अपनी दावेदारी शुरू कर दी है। पोस्टरों, बैनरों के जरिये वे अपनी-अपनी विधानसभाओं में उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
संगठन भी तोल रहा युवा चेहरों का दमखम
भाजपा के केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व भी टिकट की दावेदारी करने वाले युवा चेहरों का दमखम टटोल रहा है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि चुनाव में टिकट की दावेदारी का सबसे मजबूत पक्ष जिताऊ होना है। चेहरा युवा हो या बुजुर्ग, टिकट की सबसे पहली शर्त जिताऊ उम्मीदवार ही रखी है। सर्वे की रिपोर्ट के अलावा केंद्रीय नेताओं की एक टीम अब कमजोर माने जाने वालीं सीटों पर मोर्चा संभालेगी। केंद्रीय नेता पार्टी के पक्ष में सिर्फ माहौल ही नहीं बनाएंगे, बल्कि स्थानीय फीड बैक के जरिये उन चेहरों को खोजेंगे, जो चुनाव में पार्टी के तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं।
भाजपा विधानसभा चुनाव में टिकट आवंटन में युवाओं और महिलाओं को तरजीह देगी। युवा मुख्यमंत्री, युवा राज्य और युवा उम्मीदवार अबकी बार साठ पार का संकल्प पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे। पार्टी युवा चेहरों को भी उम्मीदवार बनाएगी।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा