Uttarakhand Election 2022: भाजपा के घोषणापत्र में खेती-किसानी के लिए इमदाद, उत्पादों को दिलाएंगे बाजार
मनरेगा के तहत भूमिहीनों को सुअर पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन और पशुपालन गतिविधियों में ढांचागत सहयोग के लिए 50 हजार की सहायता राशि दी जाएगी।
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भाजपा ने अपने दृष्टि पत्र में खेती-किसानी पर विशेष फोकस किया है। किसानों को इमदाद देने के साथ ही कृषि व बागवानी उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं शुरू करने का एलान किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर प्रदेश में मुख्यमंत्री किसान प्रोत्साहन निधि शुरू की जाएगी।
इसके तहत किसानों को प्रति वर्ष दो हजार रुपये दिए जाएंगे। दो हजार एकीकृत आदर्श कृषि गांव स्थापित करने के साथ ही बागवानी और दुग्ध विकास के लिए 500-500 करोड़ का कोष बनाया जाएगा। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के लगभग नौ लाख किसानों को सालाना छह हजार रुपये मिलते हैं।
इसी तर्ज पर भाजपा ने मुख्यमंत्री किसान प्रोत्साहन निधि शुरू कर हर किसान को सालाना दो हजार देने का एलान किया। खेती में आधुनिक तकनीकी को बढ़ावा देने के लिए सभी ब्लाकों में पीपीपी मॉडल पर कृषि उपकरण लीजिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। किसान मंडी मिशन की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत हर ब्लाक में किसान बाजार स्थापित किए जाएंगे। छोटे किसानों को कृषि उपकरणों की खरीद पर सब्सिडी दी जाएगी।
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किसानों को मृदा परीक्षण और खेती संबंधित तकनीकी जानकारी देने के लिए प्रदेश भर में कृषि क्लीनिक बनाए जाएंगे। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को पांच लाख का अनुदान और सार्वजनिक खरीद में 15 फीसदी कोटा निर्धारित किया जाएगा। सूक्ष्म सिंचाई योजना को बढ़ावा देने लिए 10 वर्षों में आठ हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा। मनरेगा के तहत भूमिहीनों को सुअर पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन और पशुपालन गतिविधियों में ढांचागत सहयोग के लिए 50 हजार की सहायता राशि दी जाएगी।
3500 गांवों में जैविक खेती के लिए देंगे प्रशिक्षण और प्रोत्साहन
सभी जिला कृषि कार्यालयों में जैविक खेती प्रमाणन डेस्क स्थापित किए जाएंगे। फूलों की खेती, बागवानी और जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेशभर में 50 अत्याधुनिक कृषि गोदाम और कोल्ड स्टोरेज के निर्माण में निवेश के लिए एक हजार करोड़ का कोष बनाया जाएगा।
बनेगा कृषि कल्याण बोर्ड
प्रदेश के किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कृषि कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों और बंदरों से फसलों को बचाने के लिए प्राथमिकता पर उचित कदम उठाएंगे।
कृषि निर्यात नीति बनाएंगे
अमूल की तर्ज पर सहकारी समितियों के उत्पादों को प्रोत्साहित करेंगे। उत्तराखंड को बागवानी व डेयरी का हब बनाने के लि कृषि निर्यात नीति बनाई जाएगी। कृषि उत्पादों के निर्यात को सुविधाजनक बनाने के लिए कृषि निर्यात प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी। उत्तराखंड में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपिडा) का राज्य स्तरीय कार्यालय स्थापित किया जाएगा।
टिहरी व बागेश्वर में एरोमा पार्क
एरोमा खेती को बढ़ावा देने के लिए टिहरी और बागेश्वर में एरोमा पार्क स्थापित किए जाएंगे। कीवी, अखरोट और सेब के लिए फल प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना। अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में जैविक चाय बगीचों को बढ़ावा देंगे। अल्मोड़ा में सेंटर आफ एक्सीलेंस फॉर हिमालयन फाइबर का निर्माण किया जाएगा।
खोई आधारित पेपर प्लांट की स्थापना
उत्तराखंड में गन्ने की मांग बढ़ाने के लिए ऊधमसिंह नगर और देहरादून में शत प्रतिशत खोई आधारित पेपर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में दो इथेनॉल संयंत्र की स्थापना की जाएगी।
जन औषधि केंद्रों की संख्या दोगुनी करने का वादा
भाजपा ने चुनावी दृष्टि पत्र में उत्तराखंड को हेल्थ एवं वेलनेस टूरिज्म हब बनाने के साथ बेहतर व सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर दिखाई है। 10 पर्वतीय जिलों में हेली एंबुलेंस सेवा का विस्तार करने के साथ जन औषधि केंद्रों की संख्या दोगुनी करने का वादा किया है।
भाजपा के दृष्टि पत्र के अनुसार, उत्तराखंड राज्य स्वास्थ्य विकास निगम का गठन किया जाएगा। मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए जिला अस्पतालों में नवजात चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जन औषधि केंद्रों की संख्या 190 से बढ़ाकर 400 की जाएगी।
हर जिले में डायलिसिस केंद्र की स्थापना, हर जिले में एक सरकारी अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी के रूप में विकसित करने, जिलों में सुविधाओं से युक्त एक सचल अस्पताल के संचालन की घोषणा की है। पर्वतीय जिलों में काम करने का विकल्प चुनने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि की जाएगी। उन्हें विशेष आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा।
कैंसर देखभाल कार्यक्रम शुरू करेंगे
कैंसर मरीजों के इलाज के लिए कैंसर देखभाल कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। हर जिले में किफायती कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ऋषिकेश में आनुवंशिकी और स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की जाएगी, जो प्रसव पूर्व आनुवंशिक जांच का केंद्र बनेगा। सार्वजनिक और निजी भागीदारी से उत्तराखंड डायग्नोस्टिक मिशन की स्थापना की जाएगी।
चरक डांडा में बनेगा आयुर्वेदिक अनुसंधान केंद्र
भाजपा ने चरक डांडा में आयुर्वेदिक अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का वादा किया है। 10 पर्वतीय जिलों में सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए मान्यता प्राप्त ब्रिज कोर्स से आयुष डॉक्टरों को प्रमाणित किया जाएगा। नवजात शिशुओं को रोटा वायरस, मेनिंगो कोकल, हेपेटाइटिस बी और न्यूमोकोकल वैक्सीन निशुल्क लगाई जागी। गर्भवती महिलाओं और तीन साल से कम उम्र के बच्चों की माताओं को प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के दौरान पोषण किट दी जाएगी।