उत्तराखंड चुनाव 2022: सियासी सर्जिकल स्ट्राइक के लिए आम आदमी पार्टी के कर्नल ने चुने तीन कमांडर
Uttarakhand Election 2022: देवभूमि में पहली बार पूरे जोश खरोश के साथ किस्मत आजमा रही आम आदमी पार्टी भाजपा या कांग्रेस के मुकाबिल कहीं भी कमजोर होना नहीं चाहती। लिहाजा, प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर के इस्तीफे के साथ ही तीन कार्यकारी अध्यक्षों की घोषणा अजय कोठियाल ने कर दी।
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आम आदमी पार्टी के सीएम उम्मीदवार कर्नल (रिटायर्ड) अजय कोठियाल ने सियासी सर्जिकल स्ट्राइक के लिए तीन कमांडर (कार्यकारी अध्यक्ष) चुन लिए हैं। इस बार इरादा सीधे घर-घर तक पहुंचकर विपक्षी दलों के वोट बैंक पर सेंध लगाने का है। आप के तीन कार्यकारी अध्यक्षों की घोषणा को सियासी हलकों में कुछ इसी नजरिये से देखा जा रहा है।
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देवभूमि में पहली बार पूरे जोश खरोश के साथ किस्मत आजमा रही आम आदमी पार्टी भाजपा या कांग्रेस के मुकाबिल कहीं भी कमजोर होना नहीं चाहती। लिहाजा, प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर के इस्तीफे के साथ ही तीन कार्यकारी अध्यक्षों की घोषणा कर्नल कोठियाल ने कर दी। इनमें गढ़वाल मंडल के लिए पूर्व आईपीएस अनंत राम चौहान का नाम चुना गया है।
कुमाऊं मंडल में पार्टी ने भूपेश उपाध्याय को चुना
अनंत राम चौहान के बैकग्राउंड और उनकी छवि को देखते हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उनके नाम पर मुहर लगाई है। भाजपा, कांग्रेस के भ्रष्टाचार का मुद्दा बनाकर मैदान में जोर आजमाइश कर रही आप को विश्वास है कि जनता पूर्व आईपीएस पर अपना भरोसा दिखाएगी। दूसरी ओर, कुमाऊं मंडल में पार्टी ने भूपेश उपाध्याय को चुना है।
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कुुमाऊं में भूपेश चर्चित नाम है। वह पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। लिहाजा, आप आलाकमान ने उनके प्रोफाइल को देखते हुए उनका चयन किया है। तीसरा, तराई के लिए पार्टी ने प्रेम सिंह राठौर का जो नाम चुना है, वह बिजली विभाग के पूर्व एसडीओ हैं। पार्टी ने उन्हें आम आदमी के बीच आम आदमी के तौर पर चुना है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब संगठन जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने के लिए काम करेगा। घर-घर तक आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की पहुंच आसान की जाएगी। पार्टी के नेताओं का मानना है कि प्रदेश को तीन हिस्सों में बांटने से कहीं न कहीं उनकी चुनाव की राह आसान हो जाएगी।
कांग्रेस : बिना शर्त पार्टी में वापसी के लिए दरवाजे खुले
वहीं आगामी विस चुनाव देखते हुए कांग्रेस ने पूर्व में विभिन्न वजहों से निष्कासित नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी ने वापसी के दरवाजे खोल दिए हैं, लेकिन इसके लिए निष्कासित लोगों को विचार विमर्श समिति को आवेदन करना होगा। यह व्यवस्था प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की ओर से की गई है।
आवेदनों पर विचार करने के बाद रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेगी समिति
गत दिनों प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस काम के लिए चार सदस्यीय विचार विमर्श समिति का गठन किया था। कमेटी का अध्यक्ष हरीश कुमार सिंह को बनाया गया है। जबकि विजय सिंह सिजवाली, गोविंद सिंह बिष्ट, शांति प्रसाद भट्ट को इसमें बतौर सदस्य रखा गया है। यह समिति प्रदेशभर में पूर्व में जिन कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं को किन्हीं कारणों से निष्कासित किया गया था, उन्हें वापस कांग्रेस पार्टी में लाने के लिए आवेदनों पर विचार करने के बाद 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेगी।
मंगलवार को इस संबंध में पीसीसी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने समिति की बैठक ली। इस दौरान गोदियाल ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में अपरिहार्य कारणों से निष्कासित लोग, जो बिना शर्त कांग्रेस में वापस आना चाहते हैं और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा रखते हैं, उनके आवेदनों पर विचार कर उन्हें पार्टी में वापस लिया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही समिति की गढ़वाल मंडल के लिए देहरादून और कुमाऊं मंडल के लिए हल्द्वानी में अलग-अलग तिथियों में बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में समिति के समक्ष अपनी बात रखी जा सकती है। इसके अलावा जिलों में जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों के माध्यम से भी समिति को आवेदन कर सकते हैं।