Uttarakhand Election 2022: तैयारियां तेज, उत्तराखंड में सुरक्षित मतदान के लिए केंद्र से मांगी 115 कंपनी फोर्स
चुनाव आयोग ने प्रदेश में करीब 800 ऐसे क्षेत्र चिह्नित किए हैं, जहां बूथों पर पिछले चुनाव में औसत से 15 प्रतिशत अधिक या 15 प्रतिशत कम मतदान हुआ था। यह क्रिटिकल के दायरे में आते हैं।
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प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था भरपूर रखने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने केंद्र से 115 कंपनी फोर्स की मांग की है। यह मांग प्रदेश के क्रिटिकल और वनरेबल बूथों के नजरिये से रखी गई है।
प्रदेश में करीब 800 क्षेत्र चिह्नित
दरअसल, प्रदेश के विधानसभा चुनाव में इस बार 632 प्रत्याशी मैदान में हैं। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग ने प्रदेश में करीब 800 ऐसे क्षेत्र चिह्नित किए हैं, जहां बूथों पर पिछले चुनाव में औसत से 15 प्रतिशत अधिक या 15 प्रतिशत कम मतदान हुआ था। यह क्रिटिकल के दायरे में आते हैं।
इसी प्रकार, करीब 1200 ऐसे क्षेत्र चिह्नित किए हैं, जहां ऐसे बूथ हैं, जिन पर वोटरों को प्रभावित करने की आशंका है। यानी यहां या तो कोई प्रत्याशी पैसे के लालच दे सकता है या फिर वोटरों को धमकी दे सकता है। या अन्य तरीके से प्रभावित कर सकता है। इन क्षेत्रों को वनरेबल की श्रेणी में रखा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि प्रदेश में सुरक्षित मतदान के लिए केंद्र से 115 कंपनी फोर्स मांगी गई है।
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मतदान के लिए 250 बसें उपलब्ध कराएगा परिवहन निगम
विधानसभा चुनाव निष्पक्ष और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए जहां निर्वाचन आयोग, देहरादून के शासन, जिला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। वहीं परिवहन निगम ने भी अपने स्तर से तैयारी तेज कर दी है। शासन के निर्देश पर परिवहन निगम की ओर से मतदान के लिए 250 रोडवेज बसों को मुहैया कराने की योजना है।
परिवहन निगम महाप्रबंधक दीपक जैन ने बताया कि वैसे तो अभी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार, शासन की ओर से बसों की मांग नहीं की गई है। फिर भी एहतियातन 250 बसों को तैयार किया जा रहा है। महाप्रबंधक दीपक जैन ने बताया कि सभी मंडलीय प्रबंधकों और सहायक महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में परिवहन निगम की बसों को दुरुस्त रखें।
बसें जो खराब हैं उनकी तत्काल मरम्मत करा ली जाए। बता दें कि विधानसभा या लोकसभा चुनाव के दौरान सरकार, शासन की ओर से परिवहन निगम की बसों का भी अधिग्रहण किया जाता है ताकि चुनाव ड्यूटी में लगाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों को मतदान केंद्रों तक पहुंचाया जा सके और वहां से लाया जा सके।
ईवीएम, वीवीपैट की हुई जांच
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के मद्देनजर देहरादून के ऋषिपर्णा सभागार में विधानसभावार ईवीएम एवं वीवीपैट का द्वितीय रेण्डमाइजेशन किया गया। केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त सामान्य पर्यवेक्षकों व राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में रेण्डमाइजेशन किया गया।
मशीनों की विधिवत जांच एवं मशीनों एबीएमओ वीवीपैट की जांच-पड़ताल करने के बाद उन्हें पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में सील करने के बाद महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में बनाए गए क्लॉक रूम में भारी बिग सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखवा दिया गया है।