Uttarakhand: विभाग के इस फॉर्मूले से वर्षों बाद भी पहाड़ से नहीं उतर पाएंगे 13 हजार शिक्षक, पढ़ें पूरा मामला
शिक्षकों के तबादलों के लिए विभाग ने इस साल शिक्षकों को तीन अलग-अलग श्रेणी में बांटा है। दुर्गम से सुगम में अनिवार्य तबादलों के लिए 10 वर्ष से अधिक की दुर्गम में सेवा कर चुके प्रवक्ता और सहायक अध्यापक एलटी की सूची तैयार की गई है।
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उत्तराखंड में शिक्षकों के तबादलों के लिए विभाग की ओर से इस साल एक फॉर्मूला तय किया गया है। यदि उसके तहत तबादले हुए तो पिछले 10 से 15 साल से पहाड़ पर सेवा दे रहे 13 हजार से अधिक शिक्षक पहाड़ से उतर नहीं पाएंगे।
शिक्षकों के तबादलों के लिए विभाग ने इस साल शिक्षकों को तीन अलग-अलग श्रेणी में बांटा है। दुर्गम से सुगम में अनिवार्य तबादलों के लिए 10 वर्ष से अधिक की दुर्गम में सेवा कर चुके प्रवक्ता और सहायक अध्यापक एलटी की सूची तैयार की गई है। इसी तरह 15 वर्ष से अधिक और 18 वर्ष से अधिक समय से पहाड़ पर कार्यरत शिक्षकों की सूची बनी है।
कुछ इसी तरह सुगम से दुर्गम में अनिवार्य तबादलों की सूची तैयार की गई है। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के मुताबिक, इस सूची में शामिल शिक्षक तबादलों के लिए पात्र हैं। इस सूची में जितने शिक्षक हैं, उनमें से 15 प्रतिशत शिक्षकों के तबादले होंगे। गंभीर बीमार और पारस्परिक तबादले वाले शिक्षक 15 प्रतिशत के दायरे में नहीं आएंगे। इन शिक्षकों के इससे अलग तबादले होंगे।
वर्ष 2023-24 में तबादलों के लिए शिक्षकों की अनुमानित संख्या
दुर्गम से सुगम के लिए प्रवक्ता एलटी
10 साल से अधिक 2695 5229
15 साल से अधिक 1781 3512
18 साल से अधिक 788 1417
सुगम से दुर्गम के लिए प्रवक्ता एलटी
10 साल से अधिक 547 1104
15 साल से अधिक 242 394
18 साल से अधिक 52 593
- पहाड़ पर 10 साल से अधिक समय से 15422 शिक्षक तैनात
- मैदान में 10 साल से अधिक समय से 2434 शिक्षक तैनात
15422 में से मात्र 2313 शिक्षक ही उतर पाएंगे पहाड़
तबादला एक्ट के तहत दुर्गम में तीन साल की सेवा वाले शिक्षक तबादलों के लिए पात्र हैं। जबकि, सुगम में चार साल या इससे अधिक समय से तैनात शिक्षकों को तबादलों के लिए पात्र शिक्षकों की सूची में शामिल किया जाना चाहिए था, लेकिन विभाग की ओर से ऐसा न कर 10, 15 और 18 साल वाले शिक्षकों की सूची तैयार कर इनमें से कुल 15 प्रतिशत शिक्षकों के तबादलों की बात की जा रही है। विभाग के इस फॉर्मूले से पहाड़ से मात्र 2313 शिक्षक ही मैदान में उतर पाएंगे, जबकि सुगम से दुर्गम में मात्र 365 शिक्षक जाएंगे।
तबादला एक्ट के तहत जितने भी शिक्षक तबादलों के लिए पात्र हैं, उनकी सूची तैयार कर 15 प्रतिशत शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे। कई शिक्षक ऐसे हैं जो वर्षों से पहाड़ में हैं और अब भी पहाड़ में रहना चाहते हैं, उन शिक्षकों से इसके लिए लिखित में मांगा जा रहा है। यदि कोई दुर्गम से दुर्गम में तबादला चाहेगा तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी।
- डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड शासन