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Uttarakhand : शिक्षक भर्ती में विभाग का गजब कारनामा टीईटी में 150 अंकों में से दे दिए 855 अंक
Mon, 21 Dec 2020 04:00 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 21 Dec 2020 04:00 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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शिक्षा विभाग में इन दिनों प्राथमिक शिक्षकों के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन जिस तरह से भर्ती के लिए मेरिट बनाई जा रही है उससे विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। विभाग की ओर से चंपावत जिले की जो मेरिट बनाई गई है उसमें तीन अभ्यर्थियों को टीईटी में 150 में से 150 अंक दिखाए गए हैं। जबकि एक अभ्यर्थी के 150 में से 855 अंक दर्शाए गए हैं।
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प्रदेश में किसी भी अभ्यर्थी को 150 अंक नहीं मिले, लेकिन भर्ती परीक्षा को लेकर जो मेरिट बनाई गई है। उसमें अभ्यर्थियों के 150 अंक दर्शाए गए हैं। तो कुछ अभ्यर्थियों के 855 अंक दर्शाए गए हैं। टीईटी मेरिट संगठन ने कहा कि भर्ती को जानबूझकर उलझाने का प्रयास किया जा रहा है। मेरिट संगठन की पल्लवी, अनिल कुकरेती, चंद्रमोहन जोशी, बबीता, कोमल व आशीष आदि ने कहा कि यह मेरिट लिस्ट चंपावत जिले की ओर से जारी की गई है।
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हालांकि इसके लिए अभ्यर्थियों से प्रत्यावेदन मांगे गए हैं। इसके अलावा इस लिस्ट में विज्ञान और गणित दोनो विषयों की अलग-अलग मेरिट न बनाकर एक साथ इसे विज्ञान कर दिया गया है। संगठन ने कहा कि सामान्य और बैकलॉग के पदों पर होने वाली भर्ती के पदों को बढ़ाए जाने के साथ ही इस तरह की गड़बड़ी को सुधारा जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की गलती से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया कानूनी दांव पेंच में फंस सकती है।
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अफसरों ने साधी चुप्पी
इस मसले पर विभाग के अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। वहीं शिक्षा निदेशक आरके कुंवर व अपर निदेशक गढ़वाल वीएस खाली से प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं किया जा सका। यदि वह इस मसले पर कुछ कहना चाहेंगे तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।