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देहरादूनः भोगपुर से रायवाला तक गंगा में खनन कराया जाए या नहीं? होगा ड्रोन से सर्वे
Thu, 30 Jan 2020 05:00 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
अरविंद सिंह , अमर उजाला, देहरादून
अरविंद सिंह , अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 30 Jan 2020 05:00 AM IST
सार
- आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों को सौंपी जिम्मेदारी
- एफआरआई करेगा नदी के व्यवहार का अध्ययन
- दिल्ली में हुई बैठक में कई मुद्दों पर बनी सहमति
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विस्तार
गंगा में भोगपुर (हरिद्वार) से रायवाला तक खनन कराया जाए या नहीं? इसके लिए ड्रोन की मदद से गंगा का सर्वे कराया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों को सौंपी गई है। वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई), देहरादून के विशेषज्ञ नदी के व्यवहार का अध्ययन करेंगे। पिछले दिनों नई दिल्ली में नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) के तहत हुई बैठक में इन मुद्दों पर सहमति बनी।
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बता दें कि गंगा में खनन पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), एनजीटी और एनएमसीजी की ओर से रोक लगाई गई है। इससे लोग रेत, बजरी और पत्थर के लिए परेशान हैं। वैसे तो राज्य सरकार की ओर से रोक हटा ली थी, लेकिन एनजीटी और एनएमसीजी की ओर से रोक लगाए जाने से मामला अधर में लटका हुआ है। पिछले दिनाें नई दिल्ली में इस मुद्दे पर चर्चा की गई।
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इसमें वन विकास निगम, खनन विभाग समेत कई विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस संबंध में वन विकास निगम के अपर प्रबंध निदेशक केआर मुरलीधर राव ने बताया कि बैठक में सहमति बनी है कि हरिद्वार में भोगपुर से रायवाला तक गंगा का ड्रोन से सर्वे कराया जाएगा।
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इसमें आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। साथ ही वन अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों से भी नदी के व्यवहार का अध्ययन कराया जाएगा। इन अध्ययनों से पता लगाया जाएगा कि नदी में खनन किया जाए या नहीं? बता दें कि वन अनुसंधान संस्थान पहले भी नदी के व्यवहार का अध्ययन कर चुका है।