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उत्तराखंड: हरीश रावत ने आपदा को लेकर सरकार को घेरा, प्रदेशभर में आंदोलन का एलान
Mon, 25 Oct 2021 02:54 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 25 Oct 2021 02:54 PM IST
सार
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि 28 अक्तूबर से प्रदेशभर के सभी जिला मुख्यालयों और महानगरों में कांग्रेस कार्यकर्ता उपवास कर आंदोलन की शुरुआत करेंगे।
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प्रेसवार्ता करते पूर्व सीएम हरीश रावत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड में बीते दिनों आई आपदा को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने एक बार फिर सरकार पर हमला बोला। सोमवार को देहरादून में कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता कर उन्होंने धामी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार आपदा प्रबंधन में फेल हो गई है। मैंने कहा था कि पांच दिन में आपदा राहत में तेजी लाएं, वरना हम आंदोलन करेंगे। लेकिन सरकार के मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता ढिलाई से काम कर रहे हैं।
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इतने दिन बीत जाने के बावजूद भी पीड़ितों को मुआवजे की राशि नहीं दी गई है। इसलिए तय किया गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ता 28 अक्तूबर से प्रदेशभर के सभी जिला मुख्यालयों और महानगरों में उपवास कर आंदोलन की शुरुआत करेंगे। इसके बाद भी सरकार ने आपदा पीड़ितों को राहत नहीं पहुंचाई तो आगे की रणनीतिक तय करेंगे।
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चेतावनी के बाद भी सोई रही सरकार
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा था कि उत्तराखंड में आपदा के हालातों को लेकर 36 घंटे पहले जानकारी दे दी गई थी। लेकिन फिर भी प्रदेश सरकार क्यों सोई रही ? कांग्रेस ने 2013 की आपदा के दौरान कुप्रबंधन को लेकर अपने एक सीएम को हटा दिया था, लेकिन बीजेपी के केंद्रीय नेता अपने सीएम की तारीफें कर रहे हैं। रावत ने कहा कि आपदा प्रभावित इलाकों में अभी भी हालत खराब हैं। मवेशी सड़ रहे है और उन्हें उठाने वाला कोई नहीं है।
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उन्होंने साफ कहा कि हमने आपदा के मुआवजे को लेकर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए थे जिससे जनता को राहत थी। लेकिन बीजेपी सरकार वो भी कम दे रही है। मानव नुकसान के लिए कम के कम 10 लाख रुपये देने चाहिए। उसी हिसाब से पशुओं के नुकसान के साथ-साथ फसलों के नुकसान का भी आकलन होना चाहिए।
डेंगू को लेकर भी साधा निशाना
पूर्व सीएम रावत ने कहा कि प्रदेश के कई शहरों में हालात ये हैं कि नाले चोक पड़े हैं, लेकिन खोलने वाला कोई नहीं है। अगर ये हालात रहे तो प्रदेश में डेंगू का बड़ा खतरा सामने आ सकता है।