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अब जीएसटी सेवाओं पर हिस्सेदारी मांगेगा उत्तराखंड

Sat, 10 Nov 2018 05:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 10 Nov 2018 05:00 AM IST
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uttarakhand demand his part on gst service
GST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में राजस्व का घाटा होने से उत्तराखंड जीएसटी सेवाओं पर हिस्सेदारी मांगेगा। इसके लिए जीएसटी लॉ कमेटी को प्रस्ताव भेजने की तैयारी चल रही है। जीएसटी से उत्तराखंड राज्य में टैक्स वसूली में करीब 80 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है, लेकिन सारा टैक्स सीजीएसटी व आईजीएसटी के रूप में बाहर जा रहा है।

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राज्य में हर साल चारधाम यात्रा पर बाहरी राज्यों से लाखों यात्री दर्शन के लिए आते हैं। दिल्ली से ही चारधाम के लिए टैक्सी की बुकिंग करते हैं। इन सेवाओं पर लगने वाले टैक्स का उत्तराखंड को कोई फायदा नहीं है। बल्कि जिस राज्य से टैक्सी की बुकिंग की जाती है, उस राज्य को ही टैक्स मिलता है। इसी तरह एडवेंचर टूर आने वाले पर्यटक भी बाहरी राज्यों की कंपनियों से पैकेज की बुकिंग करते हैं। उत्तराखंड में एडवेंचर करने के बाद वापस लौट जाते हैं। एडवेंचर टूर की बुकिंग पर लगने वाला टैक्स भी राज्य को नहीं मिल रहा है।
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इसे देखते हुए हाल ही में उत्तराखंड के दौरे पर आए केंद्रीय वित्त एवं राजस्व सचिव हसमुख अडिया के सामने भी सरकार ने इस मामले को उठाया। केंद्रीय सचिव ने मामले को जीएसटी लॉ कमेटी के सामने रखने की सलाह दी। ऐसे में सरकार अब जीएसटी के अधीन आने वाली सेवाओं पर लगने वाले टैक्स में हिस्सेदारी की मांग करेगी। इसके लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है।
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20 हजार करोड़ टैक्स एकत्र हुआ जीएसटी से अब तक
जीएसटी में प्रदेश के 1.55 लाख व्यापारी पंजीकृत हैं। वेट की तुलना में जीएसटी लागू होने के बाद राज्य में टैक्स वसूली की दर में 80 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। अब तक जीएसटी से राज्य में 20 हजार करोड़ का टैक्स एकत्र हुआ है, लेकिन राज्य के हिस्से में एकत्र टैक्स का आधा हिस्सा भी नहीं आया है। राज्य से एकत्र टैक्स सीजीएसटी व आईजीएसटी में जमा हो रहा है। इसका फायदा उन राज्यों को मिल रहा है, जो उत्पाद का उपयोग कर रहे हैं।


चारधाम यात्रा पर आने वाले अधिकतर यात्री बाहरी राज्यों से ही टैक्सी की बुकिंग करते हैं। इसका उत्तराखंड को कोई राजस्व नहीं मिल रहा है। हमने केंद्रीय वित्त सचिव के सामने इस मामले को रखा है। जीएसटी लॉ कमेटी को भी जीएसटी सेवाओं पर लगने वाले टैक्स में उत्तराखंड को हिस्सेदारी देेने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- सौजन्या, आयुक्त, राज्य कर विभाग

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