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मुख्य सचिव हुए पुलिस की समस्याओं से रूबरू, इन मामलों पर की चर्चा
Thu, 03 Jan 2019 12:35 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 03 Jan 2019 12:35 PM IST
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पुलिस हेडक्वार्टर देहरादून
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस के वित्तीय संसाधनों में बढ़ोतरी की जाएगी। राज्य की प्रगति में पुलिस का बड़ा योगदान है। ऐसे में पुलिस की अनदेखी न्यायोचित नहीं है। उन्हाेंने कहा कि पुलिस की तरफ से वाहनों और भवनों को लेकर जितने भी प्रस्ताव दिए हैं, उन पर मंथन के बाद वित्त सचिव और गृह सचिव जल्द फैसला लेंगे।
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मुख्य सचिव सिंह ने बृहस्पतिवार को अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी, गृह सचिव नितेश कुमार झा और वित्त सचिव अमित नेगी के साथ पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने पुलिस की चुनौतियाें के साथ ही संसाधनाें की कमी पर चर्चा की। उन्हाेंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी पुलिस अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम दे रही है। अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना वी विनय कुमार ने आंतरिक चुनौतियों के बारे में विस्तार से बताया।
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पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति के साथ 2021 में प्रस्तावित कुंभ को लेकर पुलिस को अत्याधुनिक बनाने का प्रस्ताव रखा। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस और पीएसी में 206 के करीब वाहन कंडम हैं। मजबूरी में उन्हें चलाया जा रहा है। ऐसे में दुर्घटनाओं की संभावनाएं बनी हुई हैं। पीएसी के वाहन सबसे ज्यादा खस्ताहाल में हैं। आईजी संजय गुंज्याल ने पुलिस भवनों की स्थिति के बारे में बताया। प्रदेश के 25 थानाें और 104 पुलिस चौकियां किराए के मकान में चल रही हैं। पुलिस मुख्यालय के भवन निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया।
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मुख्य सचिव सिंह ने कहा कि डीजीपी रतूड़ी की अगुवाई में पुलिस बेहतर काम कर रही है। पूरा प्रयास रहेगा कि संसाधनों को बढ़ाने के साथ पुलिसकर्मियाें को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। पुलिस 24 घंटे और 365 दिन समाज में शांति कायम करने के काम में लगी रहती है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुई इंवेस्टर्स समिट में उद्यमियों ने खुले मन से प्रदेश की कानून व्यवस्था की सराहना की थी। इसका श्रेय पुलिस को ही जाता है। पुलिस की तरफ अल्प और दीर्घ कालीन जितने भी प्रस्ताव आए हैं, उस पर गृह सचिव और वित्त सचिव गंभीरता से विचार करने के साथ फैसला लेंगे। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक जीएस मर्तोलिया, पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था दीपम सेठ, आईजी पीएसी एपी अंशुमन, डीआईजी अजय रौतेला समेत अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।
सीपीयू और एटीएस में सृजित किए जाएं पद
मुख्य सचिव को बताया गया कि सिटी पेट्रोल यूनिट और एटीएस में तैनात में तीन सौ के करीब पुलिस कर्मी पुलिस और पीएसी का ही हिस्सा है। उस समय नई भर्ती करने के बजाय पुलिस और पीएसी से ही कर्मचारियों की इन शाखाओं में तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने सीपीयू और एटीएस के लिए नए पद सृजित करने का प्रस्ताव भी दिया है।
1500 के करीब रिक्त पदों पर की जाए भर्ती
पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक जीएस मर्तोलिया ने पुलिस में मानव शक्ति की कमी के बारे में विस्तार से बताया। उन्हाेंने बताया कि पुलिस महकमे में 1500 के करीब पद रिक्त हैं। 2021 के प्रस्तावित कुंभ के मद्देनजर इन पदाें पर भर्ती जरूरी है। मुख्य सचिव ने नई भर्ती को लेकर प्रस्ताव भेजने की बात कही, ताकि जल्द उस पर फैसला लिया जा सके।
बंदियाें की खुराक बढ़ाने की मांग
बैठक में पुलिस थानाें में आने वाले बंदियों की खुराक बढ़ाने की मांग भी उठाई गई। बताया गया कि हवालात में बंद होने वाले आरोपियों के भोजन के लिए बरसाें से 45 रुपये मिल रहे हैं। ऐसे में यह राशि बढ़ाकर 100 रुपये करने का प्रस्ताव शासन को दिया गया है।