Uttarakhand Lockdown: उत्तराखंड में फंसे विदेशी लौट सकेंगे अपने देश, विदेश मंत्रालय से लेनी होगी अनुमति
- शासन ने डीएम को अधिकार दिए, विदेश मंत्रालय से लेनी होगी अनुमति
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उत्तराखंड में फंसे विदेशी यात्रियों के लिए सरकार अपनी सीमाओं को खोलेगी। शासन ने विदेशियों को सड़क मार्ग से जाने की इजाजत दे दी है। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को अधिकृत किया गया है। वे विदेश मंत्रालय से निर्देश प्राप्त करने के बाद ही विदेशी यात्रियों को राज्य की सीमा से बाहर जाने की इजाजत देंगे।
कोरोना वायरस संकट के चलते प्रदेश की सीमाएं पूरी तरह से सील हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद राज्य की ही नहीं, जिलों की सीमाएं भी पूरी तरह सील कर दी गई हैं। इन हालातों के बीच राज्य में फंसे विदेशी यात्रियों ने अपने मुल्क लौटने की इच्छा जाहिर की है।
उन्होंने अपने दूतावासों के माध्यम से अनुरोध किया है। इस संबंध में पौड़ी, हरिद्वार और नैनीताल के जिलाधिकारियों ने शासन से विदेशी यात्रियों के लिए अनुमति मांगी थी। इस पर गृह विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी कर दिए। संयुक्त सचिव गृह ओमकार सिंह द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, विदेशी यात्रियों को सड़क मार्ग से दिल्ली भेजने की अनुमति देने के लिए जिलाधिकारियों को अधिकृत किया गया है।
सबसे ज्यादा विदेशी पौड़ी जिले में
लेकिन केवल उन्हीं विदेश यात्रियों को चालक समेत सड़क मार्ग से दिल्ली जाने की इजाजत होगी, जिन्हें विदेश मंत्रालय से अनुमति होगी। जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वे इस संबंध में विदेश मंत्रालय से निर्देश प्राप्त करने के बाद ही कार्रवाई करेंगे।
प्रदेश में सबसे ज्यादा करीब 1200 विदेशी पौड़ी जिले में फंसे हैं। स्वर्गाश्रम में वे बड़ी संख्या में मौजूद हैं। इसके अलावा नैनीताल में 14, अल्मोड़ा में 81, चंपावत में नौ के अलावा उत्तरकाशी, देहरादून और हरिद्वार जिले में भी विदेशी यात्रियों के फंसे होने की सूचना है। ये सभी विदेशी यात्री अपने मुल्क लौटने के लिए अपने दूतावास, विदेश मंत्रालय और स्थानीय जिला प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं।