OMG! उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हो जाएंगे 'बेघर'
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केंद्र ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को राजधानी में मिला सरकारी बंगला खाली कराने का फैसला लिया है। इसके साथ ही उत्तराखंड के सीएम के सिर से भी छत छिनेगी।
पात्रता से बड़े स्तर वाले घरों में रहने पर केंद्र की सख्ती को देखते हुए वीरभद्र सिंह का 1, जंतर मंतर स्थित आलीशान बंगला छिन सकता है। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी दिल्ली स्थित बंगले को गंवाना पड़ सकता है।
रावत को पुराने बंगले में एक वर्ष तक रहने की अनुमति स्वास्थ्य के आधार पर दी गई थी। लेकिन, इसकी अवधि इस वर्ष जून में समाप्त हो रही है। जुलाई में उन्हें यह बंगला खाली करना होगा। गुरुवार को दिल्ली में आवास संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीए) के निर्णय के बाद इसकी संभावना बढ़ गई है।
केंद्र की गंभीरता की वजह से छिन रहे बंगले
हालांकि, सीसीए ने असम और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों के लिए दिल्ली में सरकारी आशियाना बरकरार रखा है। शहरी विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसी मुख्यमंत्री के बंगले का आवंटन रद्द करने का निर्णय ढाई दशक पहले सीसीए में लिया गया था। इस पर अमल नहीं हो सका था।
अब केंद्र की गंभीरता की वजह से उन्हें बंगला खाली करना पड़ सकता है। सीसीए ने पांच सांसदों का आवास आवंटन भी रद्द कर दिया है। सांसद पात्रता की तुलना में उच्च श्रेणी के सरकारी घरों में रह रहे थे। इनमें राज्यसभा के सांसद केसी त्यागी, डॉ संजय सिंह, अश्क अली टाक, बीके हरिप्रसाद और लोकसभा सांसद यूआर भोंसले शामिल हैं।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज कुमारी को रहने की अनुमति प्राप्त 1, कैनिंग लेन स्थित टाइप-सात बंगले का आवंटन रद्द कर दिया गया है। वे लंबे समय से इस बंगले में रह रही थीं।