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एक्सक्लूसिव : लौटेगी उत्तराखंड के भोजन की थाली, मुख्यमंत्री जल्द करेंगे ईट राइट इंडिया अभियान की शुभारंभ
Fri, 18 Dec 2020 12:14 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 18 Dec 2020 12:14 PM IST
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उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन की थाली फिर से लौटेगी। जैविक तरीके से उत्पादित साग-सब्जी, फल के अलावा राज्य के पहाड़ी अनाज मंडुवा, झंगोरा, चौलाई, दालों को भोजन की थाली में शामिल करने के लिए जल्द ही प्रदेश में ईट राइट इंडिया अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस अभियान का शुभारंभ करेंगे। लोगों को सही समय पर सही भोजन लेने के लिए जागरूक करने को 20 हजार डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
वर्तमान में फास्ट फूड के प्रचलन से कुपोषण, मधुमेह, हृदय रोग, मानसिक तनाव, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर समेत अन्य कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर ईट राइट इंडिया अभियान को उत्तराखंड में जल्द शुरू किया जाएगा। इस अभियान के जरिये लोगो को सही मात्रा में संतुलित व पौष्टिक भोजने खाने के लिए जागरूक किया जाएगा। उत्तराखंड में पहले से मंडुवा, झंगोरा, चौलाई, सोयाबीन, काला भट्ट, गहत समेत अन्य उत्पाद भोजन की थाली में शमिल होते थे। मंडुवा में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। लेकिन वर्तमान में इनकी जगह फास्ट फूड ने ली है।
अभियान की नोडल अधिकारी व प्रभारी निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि प्रदेश में इस अभियान को सफल बनाने के लिए 20 हजार से ज्यादा डॉक्टर, आशा वर्कर, एएनएम, पैरामेडिकल स्टाफ को जोड़ा जाएगा। जो लोगों को बेहतर सेहत के लिए लोगों को सही और शुद्ध भोजन खाने को जागरूक करेंगे। इसके लिए प्रदेश में चल रहे होटल व रेस्टोरेंट संचालकों को जैविक तरीके से उगाई गई सब्जी, तेल, नमक व चीनी के कम उपयोग वाले उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा।
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ये है उत्तराखंड का फूड बास्केट
उत्तराखंड के फूड बास्केट में पहले मंडुवा, चौलाई, झंगोरा का प्रमुख स्थान था। इन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने से अब प्रदेश सरकार का मूल्य संवर्धन पर जोर है। प्रदेश में कई महिला स्वयं सहायता समूह मंडुवे के बिस्कुट, केक, चौलाई के लड्डू तैयार कर रही है। ईट राइट इंडिया अभियान से जहां लोग इन पारंपरिक उत्पादों के भोजन में शामिल करेंगे। वहीं, उत्पादों को बाजार भी मिलेगा।
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वर्तमान में फास्ट फूड के प्रचलन से कुपोषण, मधुमेह, हृदय रोग, मानसिक तनाव, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर समेत अन्य कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर ईट राइट इंडिया अभियान को उत्तराखंड में जल्द शुरू किया जाएगा। इस अभियान के जरिये लोगो को सही मात्रा में संतुलित व पौष्टिक भोजने खाने के लिए जागरूक किया जाएगा। उत्तराखंड में पहले से मंडुवा, झंगोरा, चौलाई, सोयाबीन, काला भट्ट, गहत समेत अन्य उत्पाद भोजन की थाली में शमिल होते थे। मंडुवा में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। लेकिन वर्तमान में इनकी जगह फास्ट फूड ने ली है।
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अभियान की नोडल अधिकारी व प्रभारी निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि प्रदेश में इस अभियान को सफल बनाने के लिए 20 हजार से ज्यादा डॉक्टर, आशा वर्कर, एएनएम, पैरामेडिकल स्टाफ को जोड़ा जाएगा। जो लोगों को बेहतर सेहत के लिए लोगों को सही और शुद्ध भोजन खाने को जागरूक करेंगे। इसके लिए प्रदेश में चल रहे होटल व रेस्टोरेंट संचालकों को जैविक तरीके से उगाई गई सब्जी, तेल, नमक व चीनी के कम उपयोग वाले उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा।
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ये है उत्तराखंड का फूड बास्केट
उत्तराखंड के फूड बास्केट में पहले मंडुवा, चौलाई, झंगोरा का प्रमुख स्थान था। इन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने से अब प्रदेश सरकार का मूल्य संवर्धन पर जोर है। प्रदेश में कई महिला स्वयं सहायता समूह मंडुवे के बिस्कुट, केक, चौलाई के लड्डू तैयार कर रही है। ईट राइट इंडिया अभियान से जहां लोग इन पारंपरिक उत्पादों के भोजन में शामिल करेंगे। वहीं, उत्पादों को बाजार भी मिलेगा।