उत्तराखंडः मुख्यमंत्री ने किया गैरसैंण में बनने वाली झील का स्थलीय निरीक्षण, दिए निर्देश
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को गैरसैंण में रामगंगा नदी पर बनने वाली चौरड़ा झील का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को गैरसैंण में पेयजल की व्यवस्थाओं के लिए सुनियोजित योजना बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि झील का टेंडर अप्रैल महीने में हो जाएगा।
उसके बाद जल्दी इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। सीएम ने पेशावर कांड के नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि भी दी।
सीएम ने कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने के बाद गैरसैंण एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में संभावित आबादी वृद्धि के अनुरूप पेयजल की व्यवस्था की जानी है। रामगंगा पर जो चौरड़ा झील बनाई जा रही है, इस झील से 2070 तक अगले 50 साल तक 31 हजार की आबादी को पेयजल आपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी रामगंगा पर बनने वाले झील/बांध का डिजायन इस तरह तैयार करें कि भविष्य में इससे पेयजल में और वृद्धि हो सके। सीएम ने कहा कि इस झील का निर्माण पूरा होने से गैरसैंण, भराड़ीसैंण एवं उनके आस-पास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को पानी उपलब्ध होगा।
सीएम ने गैरसैंण क्षेत्र में पेयजल की कमी दूर करने के लिए अधिकारियों को अन्य विकल्प तलाशने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, मुन्नी देवी शाह, पेयजल अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष रिपुदमन सिंह रावत, पेयजल सचिव डा. भूपेंद्र कौर औलख और डीएम स्वाति भदौरिया सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
हड़ताली कर्मियों ने सीएम के सामने की नारेबाजी
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति पर विधायकों और समर्थकों के साथ माल्यार्पण करने पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को हड़ताली कर्मचारियों का विरोध झेलना पड़ा। जनरल ओबीसी फेडरेशन के कर्मचारियों ने सीएम के सामने ही सरकार के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस के जवानों ने स्थित को संभाला और सीएम सहित विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, मुन्नी देवी शाह को सुरक्षा घेरे में रामलीला मैदान से बाहर लाए।
जनरल ओबीसी फेडरेशन के अध्यक्ष नरेंद्र रावत ने कहा कि सीएम की ओर से धरना स्थल पर आने के बावजूद कर्मचारियों की उपेक्षा की गई। चार दिन से कर्मचारी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं लेकिन उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने 11 मार्च से सभी आवश्यक सेवाएं बंद करने का एलान किया। महामंत्री दिगंबर गैडी ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर दिगंबर नेगी, विनोद गैडी, राकेश सजवाण, मोहन रावत, लक्ष्मी नेगी, इंदु पुरोहित, प्रियंका गैरोला, प्रभा नेगी राजे सिंह बिष्ट, पुष्पा रतूड़ी आदि थे।