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मुख्यमंत्री ने बजट पर लिए राजनीतिक दलों के सुझाव

Thu, 18 Feb 2016 03:05 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 18 Feb 2016 03:05 PM IST
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uttarakhand cm suggestion on budget.

सर्वदलीय बैठक में उत्तराखंड सरकार ने 2016-17 के बजट का चुनावी बजट होने से इनकार किया है। बताया गया कि बजट का वास्तविक बजट खर्च इस वर्ष करीब 30 हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो 2014-15 की तुलना में तीन हजार करोड़ रुपये अधिक है।

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योजनाओं पर पिछले बजट की तुलना में इस साल करीब 15 प्रतिशत अधिक खर्च किया गया। प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने बजट में टैक्स से परहेज करने का सुझाव दिया। कांग्रेस संगठन ने भी कहा कि बजट में आम आदमी पर कर का बोझ न बढ़ाया जाए।
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बुधवार देर शाम सचिवालय में हुई बजट पर सर्वदलीय बजट बैठक में तय किया गया कि केंद्र सरकार से राज्य को पर्याप्त आर्थिक संसाधन देने का सर्वसम्मत प्रस्ताव भेजा जाए। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बजट में कमजोर तबकों, महिला कल्याण और बाल कल्याण को विशेष महत्व दिया जाएगा।
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अनुसूचित जाति व अल्पसंख्यकों के लिए कुछ नए प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा व स्वास्थ्य को भी प्रमुखता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के बजट को चुनावी बजट की तरह नहीं लिया जाएगा। इसमें वर्ष 2017-18 को भी ध्यान में रखकर योजनाएं चयनित की जाएंगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने बजट में आम आदमी पर कर का बोझ न लादने पर जोर दिया। किशोर ने केंद्र से सहायता के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिलने, यातायात के लिए मेट्रो योजना पर जोर देने का आग्रह किया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दिव्य नौटियाल ने कहा कि केंद्र से मदद के लिए सर्वदलीय प्रयास होने चाहिए।

भाजपा के वीरेंद्र बिष्ट ने कहा कि सरकार बजट में टैक्स प्रस्ताव न लाए। सरकार पहले ही कई तरह के टैक्स लगा चुकी है। तय किया गया कि वित्त मंत्री, मुख्य सचिव और विनोद बड़थ्वाल प्रदेश से संबंधित कुछ मामलों के प्रस्तावों पर यूपी सरकार से बातचीत करेंगे।

भाकपा के समर भंडारी ने आर्थिक विकास को रोजगार परक बनाने और कृषि में निवेश बढ़ाने का सुझाव दिया। यूकेडी ने दीर्घकालीन नीतियां बनाने, राज्य आंदोलनकारी कल्याण कोष की राशि को बढ़ाने, खनन और आबकारी नीति में एकरूपता की बात की। माकपा के सूरवीर सिंह सजवाण ने पलायन को रोकने के लिए उद्यान और छोटे उद्योगों की स्थापना का सुझाव।


राष्ट्रीय ग्रामीण विकास पार्टी, भारतीय सर्वोदय पार्टी, मूल निवासी समाज पार्टी ने भी सुझाव दिए। सचिव वित्त अमित नेगी ने बताया कि राज्य का कुल बजट व्यय 2014-15 में 27 हजार करोड़ था, जो कि इस वर्ष बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये हो जाएगा। योजनागत व्यय पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।

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