फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand CM Dhami says on create new districts will take suggestions from public representatives

Uttarakhand: सीएम धामी ने नए जिले बनाने के दिए संकेत, कहा- जनप्रतिनिधियों से लेंगे सुझाव

Wed, 31 Aug 2022 09:41 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अनुराग सक्सेना Updated Wed, 31 Aug 2022 09:41 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए जिलों की मांग काफी लंबे समय से चली आ रही है। सरकार यह पता लगाएगी कि उत्तराखंड में कहां-कहां जिलों का पुनर्गठन हो सकता है। प्रदेश भाजपा ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया है, लेकिन कांग्रेस ने इसे शिगूफा करार दिया है।

विज्ञापन
Uttarakhand CM Dhami says on create new districts will take suggestions from public representatives
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला- फाइल फोटो

विस्तार

प्रदेश सरकार नए जिले बनाने के प्रस्ताव पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल्द सभी जनप्रतिनिधियों से चर्चा करेगी। मालूम किया जाएगा कि नए जिलों की वास्तव में कहां आवश्यकता है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए जिलों की मांग काफी लंबे समय से चली आ रही है। सरकार यह पता लगाएगी कि उत्तराखंड में कहां-कहां जिलों का पुनर्गठन हो सकता है। वास्तव में कहां नए जिलों की आवश्यकता है। इसके लिए समस्त जनप्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे और इस पर आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद नए जिले बनाने की मांग का मुद्दा गरमा गया है। प्रदेश भाजपा ने
विज्ञापन

मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया है, लेकिन कांग्रेस ने इसे शिगूफा करार दिया है।

नए जिलों के लिए बना है पुनर्गठन आयोग

राज्य में नए जिले बनाने के लिए प्रदेश सरकार के स्तर पर एक जिला पुनर्गठन आयोग अस्तित्व में है, लेकिन आयोग बहुत सक्रियता से काम नहीं कर रहा है। राजस्व परिषद के अध्यक्ष की अध्यक्षता में गठित इस आयोग की अब तक करीब चार बैठकें हो चुकी हैं।

चार जिलों का प्रस्ताव आयोग के पास

जिला पुनर्गठन आयोग के पास वर्तमान में चार नए जिलों के प्रस्ताव हैं। इनमें पौड़ी जनपद के कोटद्वार, उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री, अल्मोड़ा के रानीखेत और पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट को जिला बनाने का प्रस्ताव विचार के लिए आयोग के पास लंबित है।

विज्ञापन

भाजपा सरकार ने कर दिया था शासनादेश

वर्ष 2011 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन भाजपा सरकार ने कोटद्वार, यमुनोत्री, रानीखेत और डीडीहाट जिले का शासनादेश जारी कर दिया था, लेकिन सत्ता से भाजपा की विदाई के बाद नए जिलों के गठन का मुद्दा ठंडे बस्ते में चला गया।

मांगे सुझाव तो ढाई दर्जन जिलों की आई मांग

आयोग ने जिलों के पुनर्गठन के लिए सुझाव मांगे थे। जिला पुनर्गठन आयोग के पास बड़ी संख्या में सुझाव पहुंचे। नए जिलों की मांग चार से बढ़कर 35 हो गई थी। आयोग ने इन सभी सुझावों और आवेदनों को संबंधित जिलाधिकारियों को परीक्षण के लिए भेज दिया था।

कांग्रेस राज में बढ़ गए थे जिलों के प्रस्ताव

वर्ष 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार में गैरसैंण, रानीखेत, डीडीहाट, खटीमा, काशीपुर, कोटद्वार, यमुनोत्री, बीरोंखाल और रुड़की को जिला बनाने पर विचार शुरू हो गया था। इसके लिए विधानसभा में सौ करोड़ रुपये का बजट पास कराया गया था।

नए जिलों के गठन से लोगों की मिलेगी सहूलियतें : ऋतु खंडूड़ी

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि नए जिलों के गठन से लोगों को सहूलियतें मिलेंगी। लोगों की आवश्यकता और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नए जिलों का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने नए जिलों को लेकर जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेने की मुख्यमंत्री धामी की पहल को सराहा है।

कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण स्थानीय लोगों की मांग पर कोटद्वार को जिला बनाने की पैरवी कर रही हैं। कई बार सरकार के समक्ष भी इस मामले को उठा चुकी हैं। खंडूड़ी ने कहा कि प्रदेश में कई बड़े जिले हैं, जहां लोगों को अपने काम के लिए जिला मुख्यालय आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छोटे-छोटे जिले बनने से लोगों को सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही विकास भी होगा। उन्होंने कहा कि कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र का बहुत बड़ा क्षेत्र है। यह क्षेत्र में पौड़ी जिले में आता है। लोगों को अपने काम के लिए जिला मुख्यालय पौड़ी जाना पड़ता है।

मुख्यमंत्री का बयान स्वागतयोग्य है। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए छोटी प्रशासनिक इकाइयों की आवश्यकता महसूस होती है।
- महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

साल 2011 में भाजपा सरकार ने चार जिलों का शासनादेश जारी किया था, इनकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी होगी। इनका गठन कर देना चाहिए, अन्यथा यह शिगूफा ही है।
- करन माहरा, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed