फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Chipko Movement leader Bachni Devi Passes Away at 100 Of Age after long Illness

Uttarakhand: चिपको आंदोलन नेत्री बचनी देवी का 100 वर्ष की उम्र में निधन, अदवाणी के जंगलों को बचाया था

Sun, 26 Apr 2026 11:58 AM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, नई टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, नई टिहरी Published by: Alka Tyagi Updated Sun, 26 Apr 2026 11:58 AM IST
सार

चिपको नेत्री बचनी देवी का शनिवार को देहरादून स्थित आवास पर निधन हो गया था। वहीं रविवार को उनके गांव के पैतृक घाट शिवपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

विज्ञापन
Uttarakhand Chipko Movement leader Bachni Devi Passes Away at 100 Of Age after long Illness
चिपको आंदोलन की नायिका बचनी देवी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हेंवलघाटी की चिपको आंदोलन की एक नायिका बचनी देवी का सौ वर्ष की आयु में निधन हो गया। पैतृक घाट शिवपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन पर चिपको आंदोलन व सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शोक संवेदना प्रकट की। 

विज्ञापन


विकासखंड नरेंद्रनगर के अदवाणी गांव निवासी चिपको नेत्री बचनी देवी का शनिवार को देहरादून स्थित आवास पर निधन हो गया था। वहीं रविवार को उनके गांव के पैतृक घाट शिवपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन


बताते चलें कि 1977 में हेंवलघाटी के अदवाणी क्षेत्र में जब सरकार की ओर से जंगलों के व्यापारिक कटान की अनुमति मिली, तो वहां कटान का विरोध कर रहे आंदोलन के शीर्ष नेता धूम सिंह नेगी, विजय जड़धारी, सुदेशा बहिन के  साथ बचनी देवी भी खड़ी हो गई, खास बात यह है कि उस समय गांव के प्रधान उनके पति थे, जो जंगलों के ठेकेदार भी थे। लेकिन वह जंगलों को बचाने के लिए अपने पति व परिवार से विद्रोह कर गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि परिवार बाद में पहले जंगलों को बचाना है। उन्होंने आंदोलन में क्षेत्र की महिलाओं को भी संगठित करने का कार्य किया। कई दिनों तक परिवार का विरोध झेलते हुए भी वे आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करती रही।

Uttarakhand: 28 नवंबर को मनाया जाएगा आपदा प्रबंधन दिवस, इस दिन सिलक्यारा सुरंग का बचाव अभियान हुआ था पूरा

आखिरकार सरकार को अदवाणी में जंगलों के कटान पर रोक लगानी पड़ी। चिपको नेता विजय जड़धारी ने बताया कि बचनी देवी ने  चिपको आंदोलन के दर्शन को समझते हुए  जंगलों को बचाने के लिए जो कार्य किया, वह प्रेरणादाई है।

उन्होंने कहा कि बचनी देवी हमेशा प्रकृति से जुड़ी रही, इसीलिए उन्होंने इतना लंबा जीवन भी जिया। वे अपने पीछे पांच पुत्रों और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गईं। उनके निधन पर वरिष्ठ चिपको नेता धूम सिंह नेगी, विजय जड़धारी, सुदेशा बहिन, रघुभाई जड़धारी, दयाल सिंह भंडारी, डी पी उनियाल, पूर्व प्रमुख राजेंद्र भंडारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष सूरज राणा, साब सिंह सजवाण, कुसुम रावत, राजेंद्र नेगी, रवि गुसांईं, सिद्धार्थ समीर, विपिन जड़धारी आदि ने शोक संवेदना प्रकट कर श्रद्धांजलि दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed