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 ...तो ऐसे एक पाव दूध से दोगुनी होगी पशुपालकों की आय

Mon, 13 Aug 2018 10:21 AM IST
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 13 Aug 2018 10:21 AM IST
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uttarakhand cattle feeders less income
गाय - फोटो : pti

उत्तराखंड में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर पशुपालकों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से दुग्ध विकास विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गईं होलेस्टिक फ्रीजन (फ्रिजवाल) नस्ल की गाय कुछ पशुपालकों के लिए सिरदर्द बन गई हैं। भारतीय सेना के डेयरी फार्म से लीं गईं इन गायों के रोजाना 20 लीटर दूध देने का दावा किया गया था। इन गायों को लेने के बाद अब पशुपालक कह रहे हैं कि कोई गाय एक पाव दूध दे रही है तो कोई आधा लीटर। कई गाय तो अपने आप खड़ी तक नहीं हो पा रही हैं। 

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देशभर में सेना अपने डेयरी फार्म को बंद कर रही है। प्रदेश सरकार ने सेना से इन गायों को लेकर दुग्ध समितियों के माध्यम से पशुपालकों को सस्ती कीमतों पर देने की योजना बनाई। सेना ने उत्तराखंड को विभिन्न डेयरी फार्म से 10 हजार गाय देेने की मंजूरी दी। इसमें अब तक करीब चार हजार गाय दुग्ध विकास विभाग पशुपालकों दे चुका है। एक पशुपालक को पांच गाय दीं गई हैं। इनमें दो दुधारू गाय, दो गाभिन और एक बछिया शामिल है।
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कुल पांच गायों के लिए विभाग ने पशुपालकों से पांच हजार रुपये लिए हैं। विभाग ने दावा किया है कि गाय होलेस्टिक फ्रीजन नस्ल की हैं। इसकी कीमत 60 से 70 हजार रुपये प्रति गाय है और ये प्रतिदिन औसत 10 से 20 लीटर दूध देती हैं। इन गायों की हकीकत विभाग के दावे से विपरीत है। पौड़ी जिले के कोटद्वार में विभाग की ओर से पशुपालकों को दी गई कई गाय बीमार हैं। कोई भी गाय एक पाव दूध दे रही है तो कोई आधा लीटर यहां तक कई गाय बीमार होने से खड़ी तक नहीं हो रही हैं। ऐसे में पशुपालक परेशान हैं, उन्हें दूध तो मिल नहीं रहा है। अलबत्ता पांच गायों के लिए चारे की व्यवस्था जरूर करनी पड़ रही है।
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केस-1 
भाबर क्षेत्र के झंडीचौड़ पूर्वी निवासी कमला देवी पंवार ने बताया कि उन्हें पांच पशुओं में से दो दुधारू गाय दो से तीन लीटर दूध दे रही हैं। जबकि दो गाय ड्राई हैं। दुधारू गाय भी गाभिन नहीं हैं। दुधारू गायों में एक बूढ़ी गाय है और उसका बांक (थन का ऊपरी हिस्सा) पत्थर बन चुका है। एक थन से खून आ रहा था। डेयरी के चिकित्सकों के उपचार के बाद थन से छीछड़ों के साथ गुलाबी रंग का दूध निकल रहा है। गायों की बच्चेदानी में भी संक्रमण है। जिससे गायों के गाभिन होने की संभावना भी ना के बराबर है। विभाग के पास गायों की केस हिस्ट्री तक नहीं है। 
 
केस-दो 
उदय रामपुर नयाबाद निवासी पशुपालक संतोषी देवी ने बताया कि उन्हें मिले पांच पशुओं में दो दुधारू गाय मिली। जिसमें एक गाय 250 मिली लीटर व दूसरी आधा किलो दूध दे रही है। इनमें से एक गाय के खुर बढ़े होने के कारण वह खड़ी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा उन्हें एक चार माह और दूसरी सात माह की बछिया दी गई है।  

केस-तीन  
ग्राम भूदेवपुर सिगड्डी निवासी पशुपालक दीपा देवी ने बताया कि दो दुधारू गायों में पहली गाय चार लीटर और दूसरी गाय एक लीटर दूध दे रही है। एक गाय के दो थन बंद हैं और दो थनों से ही दूूध निकल रहा है। गाय थनैला रोग से संक्रमित हैं और थनों से खून आ रहा है। कोई भी पशु गाभिन नहीं हैं।  
 

सेना ने सशर्त दी सरकार को ये गाय

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cows

दुग्ध विकास विभाग ने समितियों के माध्यम से हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, देहरादून में पशुपालकों को गाय दी है। सेना ने प्रदेश सरकार को इस शर्त पर गाय दी हैं कि डेयरी फार्म में जिस हालत में हैं, उसी हालत में सभी को लेना पड़ेगा। गायों को छांटकर नहीं दिया जाएगा। अब पशुपालक कह रहे हैं कि कई गायों की हालत बेहद खराब होने से वे दूध देने के लायक नहीं हैं। प्रदेश में वर्तमान में पांच दुग्ध सहकारी समितियां हैं। सरकार का दावा था कि सेना से 10 हजार गाय मिलने से प्रदेश में दो हजार नई डेयरी विकसित होंगी। साथ ही दुग्ध उत्पादन में एक लाख लीटर प्रतिदिन की बढ़ोतरी होगी। जिससे पशुपालकों की आय बढ़ने के साथ लोगों को रोजगार भी मिलेगा। वर्तमान में दुग्ध उत्पादन समितियों के माध्यम से 2.72 लाख लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादित किया जा रहा है।

कोटद्वार क्षेत्र से यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। विभागीय अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने को कहा गया है। आमतौर पर एक स्थान से दूसरे स्थान शिफ्ट करने पर गाय कम दूध देने लगती है। सेना से मिली गाय सही है। अन्य क्षेत्रों से इसका अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। यदि किसी पशुपालकों को गायों को लेकर कोई समस्या है तो वे विभाग को वापस लौट सकते हैं। इन गायों को किसी दूसरे किसान को उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग किसी भी किसान को जबरन गाय नहीं दे रहा है। सहमति पर पशुपालक गाय लेने को आगे आ रहे हैं।
- धन सिंह रावत, दुग्ध विकास एवं सहकारिता मंत्री

राज्य को सेना के इन डेयरी फार्म से मिली फ्रीजन गाय
सेना डेयरी फार्म                        गाय की संख्या
अंबाला                                    2589
जालंधर                                    2325
आगरा                                        833
बरेली                                        660
लखनऊ                                    1049
मेरठ                                        1489
पठानकोट                                882
फिरोजपुर                                 917

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