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उत्तराखंडः एक हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण का प्रदेश को 2020 तक अधिकार
Fri, 11 Oct 2019 10:00 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 11 Oct 2019 10:00 AM IST
सार
- केंद्र ने स्पष्ट किया, इसके बाद समीक्षा के बाद लिया जाएगा फैसला
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
प्रदेश को एक हेक्टेयर तक वन भूमि के हस्तांतरण का अधिकार केवल 21 दिसंबर 2020 तक के लिए ही है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस अधिकार का प्रयोग करने पर प्रदेश सरकार किन कार्यों के लिए वन भूमि को हस्तांतरित कर सकती है।
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प्रदेश सरकार को एक हेक्टेयर तक की वन भूमि के हस्तांतरण का अधिकार हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से दिया गया था। पर प्रदेश को यह अधिकार सिर्फ 21 दिसंबर 2020 तक के लिए दिया गया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक एक हेक्टेयर तक के करीब 27 मामले हैं। अंतिम स्वीकृति के 39 प्रस्ताव हैं।
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इसके साथ ही केंद्र ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वन भूमि हस्तांतरण के मामले में एक भी पेड़ के कटने पर सामान्य रूप से अनुमति दी जाएगी। संरक्षित वन क्षेत्र को छोड़कर अन्य वन भूमि के सामान्य प्रस्ताव शिक्षण संस्थाओं, अस्पताल, बिजली और संचार के केबिल और तार बिछाने, पेयजल योजना, जल संग्रहण, सौर ऊर्जा, विद्युत उप केंद्र, संचार केंद्र, ग्राम पंचायत और नगर निकाय में सुविधा विकास आदि के लिए किए जा सकेंगे।
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इस एक हेक्टेयर तक के हस्तांतरण के प्रस्ताव में चीन सीमा से 100 किलोमीटर भारतीय क्षेत्र में सड़क निर्माण एवं अन्य सैन्य प्रयोगों के प्रस्ताव भी शामिल होंगे। कुछ मामलों में वन भूमि हस्तांतरण के मामले सिर्फ 21 दिसंबर तक ही हैं।