{"_id":"6956a7d587add5a4b801aace","slug":"uttarakhand-cadre-secretary-shailesh-bagoli-will-go-to-the-centre-dehradun-news-c-5-hld1006-869578-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: केंद्र जाएंगे उत्तराखंड कैडर के सचिव शैलेश बगोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: केंद्र जाएंगे उत्तराखंड कैडर के सचिव शैलेश बगोली
विज्ञापन
- डीओपीटी से जारी हुआ इंपैनलमेंट का पत्र, संयुक्त सचिव राजस्व बनेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के सचिव मुख्यमंत्री, गृह, कार्मिक शैलेश बगौली प्रतिनियुक्ति पर केंद्र जाएंगे। केंद्र सरकार के डीओपीटी ने उन्हें संयुक्त सचिव राजस्व विभाग के पद पर तैनाती दी है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने संयुक्त सचिव, संयुक्त सचिव के समकक्ष स्तर के 35 अधिकारियों की नियुक्तियों को मंजूरी दी है, जिनका वेतनमान वेतन मैट्रिक्स के स्तर-14 के अनुसार होगा। उत्तराखंड कैडर के 2002 बैच के वरिष्ठ आईएएस शैलेश बगौली का नाम भी इसमें शामिल है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने उन्हें राजस्व विभाग में संयुक्त सचिव पद पर तैनाती दी है। उनकी नियुक्ति अगले पांच वर्षों या अगले आदेश तक के लिए की गई है। इससे पहले सचिव राधिका झा और नीरज खैरवाल भी प्रतिनियुक्ति पर केंद्र गए हैं। वहीं, सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार उन्हें रोकने के लिए केंद्र को पत्र भी भेज सकती है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के सचिव मुख्यमंत्री, गृह, कार्मिक शैलेश बगौली प्रतिनियुक्ति पर केंद्र जाएंगे। केंद्र सरकार के डीओपीटी ने उन्हें संयुक्त सचिव राजस्व विभाग के पद पर तैनाती दी है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने संयुक्त सचिव, संयुक्त सचिव के समकक्ष स्तर के 35 अधिकारियों की नियुक्तियों को मंजूरी दी है, जिनका वेतनमान वेतन मैट्रिक्स के स्तर-14 के अनुसार होगा। उत्तराखंड कैडर के 2002 बैच के वरिष्ठ आईएएस शैलेश बगौली का नाम भी इसमें शामिल है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने उन्हें राजस्व विभाग में संयुक्त सचिव पद पर तैनाती दी है। उनकी नियुक्ति अगले पांच वर्षों या अगले आदेश तक के लिए की गई है। इससे पहले सचिव राधिका झा और नीरज खैरवाल भी प्रतिनियुक्ति पर केंद्र गए हैं। वहीं, सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार उन्हें रोकने के लिए केंद्र को पत्र भी भेज सकती है।
विज्ञापन