उत्तराखंड में विभागों का बंटवारा: कांग्रेस छोड़कर भाजपा से विधायक और मंत्री बनने वालों का रुतबा बरकरार
- सतपाल महाराज, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत और सुबोध उनियाल को पुराने विभागों की ही जिम्मेदारी
- केवल यशपाल आर्य के कुछ विभाग हटाए गए, लेकिन निर्वाचन जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया गया
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उत्तराखंड में कांग्रेस छोड़कर भाजपा से विधायक और फिर मंत्री बनने वाले चार नेताओं का रुतबा तीरथ सिंह रावत की कैबिनेट में भी बरकरार रखा गया है। यशपाल आर्य के कुछ विभागों को छोड़ दें तो नई सरकार में भी पुराने मंत्री उन्हीं पुराने विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सूबे में त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री पद छोड़ने और तीरथ सिंह रावत की ताजपोशी के बाद लगातार कयास बाजियों का दौर चल रहा था। मंगलवार को जैसे ही मंत्रियों के विभागों के बंटवारे की सूची जारी हुई तो स्थिति साफ हो गई।
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कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले नेताओं का रुतबा नई सरकार में भी बरकरार रहा है। फिर चाहे डॉ. हरक सिंह रावत हों या सतपाल महाराज। सभी नेताओं को पुराने विभागों के साथ ही आगे बढ़ाया गया है।
किस मंत्री के पास विभागों में क्या बदलाव
सतपाल महाराज : पूर्व में सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, लघु सिंचाई, वर्षा जल संग्रहण, जलागम प्रबंधन, भारत-नेपाल-उत्तराखंड नदी परियोजनाएं, पर्यटन, तीर्थाटन एवं धार्मिक मेले, संस्कृति थे। नई जिम्मेदारियों के तहत भी उन्हें यही सब विभाग दिए गए हैं।
यशपाल आर्य : परिवहन, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण के साथ अब निर्वाचन जुड़ा है। जबकि ग्रामीण तालाब विकास, सीमांत क्षेत्र विकास, परिक्षेत्र विकास एवं प्रबंधन, पिछड़ा क्षेत्र विकास विभाग हटा दिए गए हैं।
डॉ. हरक सिंह रावत : वन एवं वन्य जीव, पर्यावरण एवं ठोस अपशिष्ट निवारण, श्रम, सेवायोजन, प्रशिक्षण, आयुष और आयुष शिक्षा।
सुबोध उनियाल: कृषि, कृषि विपणन, कृषि प्रसंस्करण, कृषि शिक्षा, उद्यान एवं फलोद्योग, रेशम विकास के साथ ही जैव प्रौद्योगिकी विभाग जोड़ा गया है।
बंशीधर भगत का बढ़ाया कद, प्रकाश पंत के बाद पहली बार पूर्ण संसदीय कार्यमंत्री बने
बंशीधर भगत को कैबिनेट में जगह मिलने के बाद उनका कद भी मंगलवार को पोर्टफोलियो बंटने के बाद स्पष्ट हो गया। उन्हें विधायी एवं संसदीय कार्य के अलावा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, शहरी विकास, आवास, सूचना एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं।
वह नई सरकार में पूर्व मंत्री स्व. प्रकाश पंत के बाद पहले पूर्ण संसदीय कार्यमंत्री होंगे। चूंकि उत्तराखंड में विधानसभा का एक सत्र अभी आयोजित होना है, लिहाजा आने वाले समय में उन्हें यह अहम जिम्मेदारी निभानी होगी।