उत्तराखंड: स्कूल खोलेगी सरकार पर कोविड का खतरा बरकरार, पक्ष में नहीं अधिकतर अभिभावक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 27 Jul 2021 08:27 PM IST

सार

अभिभावकों का कहना है कि सरकार पहले बच्चों के लिए वैक्सीन की व्यवस्था करे उसके बाद बच्चों को स्कूल बुलाया जाए।
स्कूल जाती छात्राएं
स्कूल जाती छात्राएं - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

उत्तराखंड में दो अगस्त से 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल खुलने जा रहे हैं, लेकिन कोविड की तीसरी लहर का खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। इसे देखते हुए अधिकर अभिभावक फिलहाल बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं हैं। 
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उत्तराखंड: कैबिनेट का फैसला, प्रदेश में दो अगस्त से खुलेंगे कक्षा छह से 12वीं तक के सभी स्कूल


प्रदेश में कोविड की वजह से मार्च 2020 में स्कूलों को बंद किया गया था। इसके बाद बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए नवंबर वर्ष 2020 में 10 वीं एवं 12 वीं के छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल खुले, लेकिन कोविड के मामले बढ़ने की वजह से अप्रैल 2021 से स्कूलों को फिर से बंद कर दिया गया। यहां तक की 10 वीं एवं 12 वीं की बोर्ड परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई। 

इस बीच कुछ स्कूलों की ओर से 6 से 8 वीं कक्षा के बच्चों को एमडीएम एवं स्कूल ड्रेस सहित विभिन्न कारणों से स्कूलों में बुलाया गया था, लेकिन नियमित रूप से कक्षाएं नहीं चली। अब कैबिनेट की बैठक में दो अगस्त से कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है।

कांवड़ यात्रा को स्थगित किया गया

अधिकतर अभिभावक अभी इस पक्ष में नहीं हैं कि बच्चों को स्कूल भेजा जाए। नेशनल एसोसिएशन फॉर पैरेंट्स स्टूडेंट्स राइट के अध्यक्ष आरिफ खान के मुताबिक प्रदेश में अभी कोविड की तीसरी लहर का खतरा बना है। यही वजह है कि सरकार की ओर से कांवड़ यात्रा को स्थगित किया गया है।

उच्च शिक्षण संस्थान भी अभी खुले नहीं हैं। ऐसे में बच्चों के लिए स्कूल खोलने का निर्णय सरकार का जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। जब तक कोविड संक्रमण खत्म नहीं होता और सरकार की ओर से इससे बचाव की उचित व्यवस्था नहीं की जाती, स्कूल नहीं खुलने चाहिए। एसोसिएशन फिलहाल स्कूल न खोले जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेगा।

कोविड से बचाव के लिए पूरी तैयारी के बाद ही स्कूल खुलेंगे। स्कूल परिसर में मास्क अनिवार्य होगा, स्कूलों को सैनिटाइज किया जाएगा। इसके अलावा कोविड को लेकर जारी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करवाया जाएगा।
-अरविंद पांडे, शिक्षा मंत्री

स्कूल खोलने से पहले बच्चों के लिए वैक्सीन की व्यवस्था करे सरकार

दून के अभिभावकों ने कहा कि अभी बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। बिना वैक्सीनेशन के बच्चों को स्कूल भेजना उनकी जिंदगी से खिलवाड़ करने जैसा होगा। ऐसे में पहले सरकार को बच्चों के लिए टीके की व्यवस्था करनी होगी। तब तक के लिए ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार को ध्यान देना होगा। जिससे बच्चों को सुरक्षित माहौल प्रदान कर शिक्षा से जोड़ा जा सकता है।

कोरोना के मामलों में गिरावट तो आई है, लेकिन अभी बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। बच्चों के लिए वैक्सीन की व्यवस्था करने पर सरकार को ध्यान देना होगा। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना चाहिए।
- पूनम, भंडारी बाग

बच्चों को कोरोना का टीका लगाए बिना स्कूल भेजना ठीक नहीं है। इसलिए सरकार को पहले बच्चों के वैक्सीनेशन की व्यवस्था करानी चाहिए। इससे बच्चों को पूरी तरह से सुरक्षित रख स्कूल भेजा जा सके। बिना वैक्सीनेशन के स्कूल भेजना बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करना होगा।
- संजना, गांधीग्राम

कोरोना काल में बच्चों के लिए स्कूल खोलने पर उनकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। बिना वैक्सीन के अभी बच्चों को स्कूल भेजना किसी खतरे से खाली नहीं है। अभी बच्चों के लिए स्कूल खोलने का फैसला जल्दबाजी करना होगा। 
- मनमोहन जयसवाल, लक्खीबाग

विशेषज्ञों की ओर से कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बच्चों के लिए टीके की व्यवस्था के लिए सरकार को जल्द ध्यान देना होगा। अभी स्कूल खोलने के बजाय सभी बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा जारी रखी जाए।
- राजू, संजय कालोनी
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